श्यामनगर में ट्रेन की चपेट में आने से तीन की मौत

सही समय पर रेलवे लेबल क्रॉसिंग नहीं खोलने के कारण एंबुलेंस प्रवेश नहीं कर पायी.

दंपती को बचाने की कोशिश में फल विक्रेता की भी गयी जान बैरकपुर. श्यामनगर स्टेशन के 23 नंबर रेल गेट के पास शनिवार की रात ट्रेन के धक्के से एक महिला, उसके पति और एक फल विक्रेता की दर्दनाक मौत हो गयी. सही समय पर रेलवे लेबल क्रॉसिंग नहीं खोलने के कारण एंबुलेंस प्रवेश नहीं कर पायी. ऐसा आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. बाद में मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस, आरपीएफ और स्थानीय थाने की पुलिस के हस्तक्षेप से विरोध प्रदर्शन खत्म हुआ. स्थिति को संभालने के लिए घटनास्थल पर रेल अधिकारियों के साथ ही आरपीएफ तथा जगदल और नोआपाड़ा थाने की पुलिस पहुंची थी. लगभग एक घंटे तक अवरोध जारी रहने के बाद अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में आयी और ट्रेन परिचालन पुनः सामान्य हुआ. स्थानीय लोगों का कहना है कि तीनों को बचाने के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गयी, लेकिन पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गयी. फल विक्रेता की अस्पताल पहुंचते-पहुंचते मौत हो गयी.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे गेटमैन ने समय पर लेवल क्रॉसिंग गेट नहीं खोला, जिस कारण एम्बुलेंस समय से मौके पर नहीं पहुंच सकी. तीनों को उठाकर कुछ दूर तक ले जाया गया था. घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने श्यामनगर रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक विरोध जताया. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एक बार लेवल क्रॉसिंग गेट बंद होने के बाद यह काफी देर तक नहीं खुलता है. कई लोगों को दोनों तरफ काफी देर तक खड़ा रहना पड़ता है इसलिए कई लोग बाध्य होकर लाइन पार करने चले जाते हैं. बार-बार शिकायत के बावजूद रेलवे ने कोई कार्रवाई नहीं की है. लोगों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने आकर लोगों से बात कर उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया, तब जाकर विरोध हटा. इस घटना से इलाके में जबरदस्त तनाव फैल गया था.

कैसे हुई घटना

सूत्रों के मुताबिक, घटना शनिवार रात 11 बजे की है. मृतकों की पहचान पति तमाल कर (37), पत्नी मौमिता सरकार (36) और फल विक्रेता सुब्रत राय (36) के रूप में हुई है. वह स्थानीय फल विक्रेता बताया जा रहा है. पूजा पंडाल देख कर एक महिला अपने पति के साथ लौट रही थी. सियालदह मेन शाखा के श्यामनगर 23 नंबर रेल गेट इलाके से रेलवे फाटक बंद होने के कारण पति के साथ महिला दो नंबर प्लेटफॉर्म की तरफ से तीन नंबर प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रही थी. वह रेलवे लाइन पार कर रही थी. इसी दौरान जल्दबाजी में पत्नी का पैर तीन नंबर रेलवे लाइन पर फंस गया और वह वही गिर गयी. उसी लाइन पर गौड़ एक्सप्रेस आ रही थी. पत्नी को बचाने के लिए पति दौड़ा. ट्रेन को आते देख स्टेशन से एक फल विक्रेता भी पति और पत्नी को बचाने की कोशिश में गया. इसी दौरान तीनों ट्रेन की चपेट में आ गये.

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Author: GANESH MAHTO

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