एसआइआर में भाषाई बाधा दूर करेगा चुनाव आयोग

राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एसआइआर कार्य के दौरान भाषाई समस्या एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आयी है

By SANDIP TIWARI | January 2, 2026 11:09 PM

कोलकाता. राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एसआइआर कार्य के दौरान भाषाई समस्या एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आयी है. इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले की चार ग्राम पंचायतों में विशेष रूप से ओडिया दुभाषियों और अनुवादकों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है. यह कदम उन इलाकों के लिए उठाया गया है, जो ओडिशा की सीमा से सटे हुए हैं. पश्चिम मेदिनीपुर के दांतन और मोहनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली इन चार ग्राम पंचायतों में ओडिया भाषी आबादी की सघनता काफी अधिक है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां के अधिकांश निवासी पीढ़ियों से बसे हुए हैं और उनकी प्राथमिक भाषा ओडिया है. समस्या उस समय और गंभीर हो गयी, जब नये मतदाता के रूप में शामिल होने वाले कई लोगों को बांग्ला या हिंदी का पर्याप्त ज्ञान नहीं था. अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तब सामने आयी, जब कई मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म ओडिया लिपि में भरकर जमा कर दिये. बांग्ला भाषी चुनाव अधिकारियों के लिए इन फॉर्मों को पढ़ना और आवेदकों से संवाद करना कठिन हो रहा था. चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, ओडिया लिपि के अनुवाद और मौखिक संवाद में काफी समय लग रहा था, जिससे एसआइआर की प्रक्रिया धीमी पड़ रही थी. इसी बाधा को दूर करने के लिए अब पेशेवर ओडिया अनुवादकों और दुभाषियों की मदद ली जायेगी, ताकि पुनरीक्षण कार्य सुचारू रूप से पूरा किया जा सके. अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की भाषाई विविधता पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर के कई इलाकों में देखने को मिलती है, लेकिन दांतन और मोहनपुर ब्लॉक में यह समस्या सबसे अधिक सामने आयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है