I-PAC पर ईडी के छापे के विरोध में सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी
Mamata Banerjee News Today: तृणमूल कांग्रेस का प्रचार अभियान चलाने वाली कंपनी आई-पैक और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर कोलकाता में हुई ईडी की छापेमारी के खिलाफ बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी सड़क पर उतर आयीं हैं. उन्होंने जादवपुर के 8-बी बस स्टैंड से अपनी पदयात्रा शुरू की. हाजरा में रैली को संबोधित करेंगी.
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Mamata Banerjee News Today: I-PAC पर ईडी के छापे के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी सड़क पर उतर गयीं हैं. प्रतीक जैन के घर और आई-पैक के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय पर ईडी की रेड से नाराज ममता बनर्जी ने जादवपुर से पदयात्रा शुरू की. यह पदयात्रा हाजरा में समाप्त होगी. ममता बनर्जी ने रेड के बाद बृहस्पतिवार को ही घोषणा कर दी थी कि वह शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ ईडी के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगी.
8-बी बस स्टैंड से शुरू हुई ममता बनर्जी की पदयात्रा
तृणमूल सुप्रीमो ने जादवपुर 8-बी बस स्टैंड से पदयात्रा शुरू की. उनके नेतृत्व में शुरू हुई यह रैली सह पदयात्रा करीब 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए हाजरा मोड़ पर समाप्त होगी. रैली प्रिंस अनवर शाह मोड़, रासबिहारी मोड़ से हाजरा मोड़ तक जायेगी. वहां मंच तैयार है. हाजरा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी.
ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित – ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया है. उन्होंने कहा है कि इसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी को डराना है. यह घोषणा तब की गयी है, जब गुरुवार को यहां आई-पैक के दफ्तर पर ईडी की छापेमारी के बीच मुख्यमंत्री खुद कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ आई-पैक के ऑफिस पहुंच गयीं थीं.
Mamata Banerjee की विपक्षी दलों ने की आलोचना
मुख्यमंत्री के इस कदम से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी सन्न रह गये थे. ईडी ने बाद में एक बयान जारी कर कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के सरकारी काम को बाधित किया. जिस जगह रेड चल रही थी, वहां से कुछ जरूरी दस्तावेज जबरन लेकर चली गयीं. यह मामला शुक्रवार को कोर्ट पहुंचा. हलांकि, कोर्ट में सुनवाई टल गयी. मुख्यमंत्री के इस कदम की पश्चिम बंगाल के विपक्षी दलों ने आलोचना की.
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प्रतीक जैन के घर से जबरन फाइल ले गयीं ममता – ईडी
दूसरी ओर, आई-पैक के मालिक प्रतीक जैन के घर से हरे रंग की फाइल में दस्तावेज लेकरक निकलीं ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय एजेंसी ईडी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डिजिटल डाटा को जब्त करने का प्रयास कर रही है.
ईडी पर टीएमसी ने लगाये केंद्र के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप
आई-पैक के मालिक के आवास के बाहर मुख्यमंत्री ने ईडी पर केंद्र सरकार के इशारे पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी को परेशान करने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव नहीं जीत पा रही है, तो वह ऐसे हथकंडे अपना रही है. हालांकि, ईडी ने कहा कि उसने यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन और कोयला तस्करी मामले में की है.
ईडी ने दिल्ली और बंगाल में एक साथ 10 ठिकानों पर की छापेमारी
ईडी ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल और नयी दिल्ली में एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी. पश्चिम बंगाल के कोलकाता और उत्तर 24 परगना समेत 6 जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रेड मारी थी, तो नयी दिल्ली में 4 ठिकानों पर यह रेड हुई थी. ईडी के मुताबिक, मामला कोयला चोरी और तस्करी सरगना अनूप माजी और अवैध लेन-देन से जुड़ा है, तो ममता बनर्जी इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रही हैं.
कौन है प्रतीक जैन?
प्रतीक जैन ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पीएसी) के सह-संस्थापक हैं. वह पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं.
आई-पीएसी का फुल फॉर्म क्या है?
प्रतीक जैन के नेतृत्व वाली फर्म आई-पैक का फुल फॉर्म ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ है. आई-पीएसी की स्थापना राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले की थी. इस फर्म ने 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ काम किया था.
छापे पर क्या बोलीं ममता बनर्जी?
ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी की आंतरिक रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और गोपनीय डिजिटल सामग्री तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था ईडी. वे हमारी पार्टी की हार्ड डिस्क, रणनीति और योजनाओं को चुराने की कोशिश कर रहे हैं. क्या राजनीतिक दलों के दस्तावेज एकत्र करना ईडी का काम है? यह कानून लागू करना नहीं, बदले की राजनीति है. गृह मंत्री सबसे खराब गृह मंत्री की तरह व्यवहार कर रहे हैं, न कि देश की रक्षा करने वाले व्यक्ति की तरह.
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