खास बातें
Suvendu Adhikari Road Show Clash| हावड़ा, कुंदन झा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान हावड़ा का बाली इलाका बुधवार शाम रणक्षेत्र बनते-बनते बचा. भाजपा प्रत्याशी संजय सिंह के समर्थन में आयोजित शुभेंदु अधिकारी के रोड शो में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने ‘जय बांग्ला’ और ‘गो बैक’ के नारे लगाये.
देखते ही देखते दोनों पार्टियों के समर्थक आमने-सामने आ गये. स्थिति मारपीट तक पहुंच गयी. हालांकि, मौके पर मुस्तैद पुलिस और केंद्रीय बलों की तत्परता ने स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया. दोनों पक्षों को खदेड़कर अलग किया.
बाली बाजार में हुई घटना
भाजपा के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी खुली जीप में सवार होकर रोड शो कर रहे थे. जैसे ही काफिला बाली बाजार के पास पहुंचा, पहले से मौजूद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी. नारे सुनकर शुभेंदु अधिकारी ने अपनी गाड़ी रुकवा दी.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘जय बांग्ला’ के नारों का विरोध किया. इसके बाद दोनों गुटों में तीखी नोक-झोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गयी. केंद्रीय बल के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला. भाजपा के काफिले के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया और टीएमसी समर्थकों को पीछे धकेला.
इसे भी पढ़ें : माछ-भात पर घमासान, पोइला बोइसाख पर TMC की चेतावनी- भाजपा जीती तो नहीं खा पायेंगे मछली, शुभेंदु का पलटवार
भाजपा-टीएमसी के बीच शुरू हुई जुबानी जंग
- शुभेंदु अधिकारी का आरोप : हम करीब 5000 समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण प्रचार कर रहे थे. तृणमूल कांग्रेस ने जान-बूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की. यह उनकी हार की बौखलाहट है.
- कैलाश मिश्रा की सफाई : बाली से टीएमसी प्रत्याशी कैलाश मिश्रा ने कहा कि नारेबाजी पार्टी की ओर से नहीं की गयी थी. यह भाजपा की नीतियों के खिलाफ आम जनता का स्वतःस्फूर्त विरोध था.
इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया
Suvendu Adhikari Road Show Clash: भवानीपुर की यादें हुईं ताजा
बाली की इस घटना ने कुछ दिन पहले भवानीपुर में हुए विवाद की यादें ताजा कर दी. तब अमित शाह के रोड शो में भी इसी तरह ‘जय बांग्ला’ के नारे लगे थे. उस वक्त चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए डीसी और थाना प्रभारी समेत 4 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी.
बाली में हुए इस ताजा विवाद के बाद अब चुनाव आयोग की नजर यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर है. बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान से पहले राज्य में सुरक्षा तंत्र हाई अलर्ट पर है.
इसे भी पढ़ें
केंद्र और चुनाव आयोग को ममता बनर्जी की ललकार – दम है तो रोज चेक करो मेरी कार
पीएम मोदी ने बांग्ला नववर्ष पर लिखी चिट्ठी, 2026 का चुनाव भय बनाम भरोसे की लड़ाई
