मुख्य बातें
Suvendu Adhikari: कोलकाता: बंगाल विधानसभा में नेता विरोधी दल शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला किया है. उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी ने उपहार की तरह राज्यसभा का टिकट बांटा है. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने आभार व्यक्त करते हुए राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवारों को नामित किया है. तृणमूल उम्मीदवारों के पर्चा दाखिल करने के बाद शुभेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल उम्मीदवार के चयन पर यह खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मददगार के लिए पार्टी के समर्पित नेता को दरकिनार किया गया है.
शुभेंदु अधिकारी के चेहरे पर दिखा गहरा दुख
शुभेंदु अधिकारी की आवाज में गहरा दुख झलक रहा था, क्योंकि उन्होंने इस बार अपने पुराने पार्टी नेता और चुनावी सहयोगी सुब्रता बख्शी को उम्मीदवार के रूप में नहीं पाया. अधिकारी ने कहा- उन्होंने सभी राजनीतिक हस्तियों को विलुप्ति के कगार पर पहुंचा दिया और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में अकेले ही इन दोनों को उम्मीदवार बना दिया. उनका सनसनीखेज दावा था- उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को नष्ट करने के लिए राजीव कुमार को इनाम दिया और आयकर मामले में विनीत गोयल को बचाने के लिए मेनका गुरुस्वामी को उपहार दिया.
पुराने साथी की सेवानिवृति
शुभेंदु अधिकारी ने अस मौके पर अपने पुराने पार्टी नेता के संगठनात्मक कौशल का जिक्र किया. उन्होंने कहा- सुब्रता बख्शी की तरह, वे युवा कांग्रेस के दिनों से ही पार्टी में हैं. वे आज भी जिले के संगठन को बखूबी समझते हैं. बातचीत के दौरान शुभेंदु ने एक जगह सुब्रता बख्शी को ‘बख्शीदा’ कहकर भी संबोधित किया. उन्होंने कहा- अब अगर आप पूछेंगे तो बख्शीदा कहेंगे कि उन्होंने खुद मना किया था. हम इस बात से दुखी हैं कि इन लोगों के लिए तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक नेता को आज सेवानिवृत्ति दी जा रही है. शुभेंदु ने यह भी कहा कि यह पूरा मामला बंगाली राजनीति के लिए बेहद दुखद है.
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लंबा रहा है राजनीतिक सफर
संयोगवश, जब राज्यसभा के लिए तृणमूल उम्मीदवार को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, तब सुब्रता बख्शी का नाम लगातार चर्चा में था. शुरुआत में यह अफवाह फैली थी कि शारीरिक बीमारी के कारण सुब्रता बख्शी इस बार उम्मीदवार नहीं होंगे, लेकिन बाद में यह अटकल भी कुछ हद तक कम हो गई. हालांकि, अप्रत्याशित रूप से तृणमूल ने सोशल मीडिया पर चार उम्मीदवारों के नाम जारी कर दिए. 2020 में वे पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए थे. उनका कार्यकाल 3 अप्रैल, 2020 को शुरू हुआ. इससे पहले वे राज्यसभा में नहीं थे. वे मूल रूप से 2011 से 2019 तक दक्षिण कोलकाता से लोकसभा सांसद थे. उससे पहले वे भाबनीपुर से विधायक और राज्य मंत्री रह चुके हैं.
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