कोलकाता.
एसआइआर प्रक्रिया को लेकर एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. महेशतला नगरपालिका के वार्ड नंबर-2 की निवासी माया दास का नाम जीवित रहते हुए भी मृत मतदाताओं की सूची में दर्ज होने का आरोप लगा है. हैरानी की बात यह है कि माया दास का बेटा भारतीय वायुसेना में कार्यरत है और वह घर पर अकेली रहती हैं. माया दास ने बताया कि उन्होंने एसआइआर प्रक्रिया के तहत निर्धारित फॉर्म भी भरा था, इसके बावजूद उनका नाम मृत सूची में शामिल कर दिया गया. इस त्रुटि के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में हैं और उन्हें आशंका है कि कहीं उनका मताधिकार न छिन जाये. शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने माया दास को बुलाकर उनसे मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि इस समस्या का समाधान किया जायेगा. माया दास ने कहा कि जीवित रहते उन्हें मृत घोषित किया जाना उनके लिए बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वह बीमार पड़ जाती हैं, तो उनकी देखभाल कौन करेगा.गौरतलब है कि इससे पहले भी एसआइआर प्रक्रिया में कारगिल युद्ध में शामिल एक सैनिक का नाम मतदाता सूची से गायब होने का मामला सामने आ चुका है. इस तरह की लगातार सामने आ रही घटनाओं को लेकर स्थानीय पार्षद चंपक दास ने नाराजगी जाहिर करते हुए एसआइआर प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाये हैं.
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