Para Teachers Protest: वेतन बढ़ाने की मांग, सड़कों पर उतरे पश्चिम बंगाल के पारा टीचर्स

Para Teachers Protest: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले ममता बनर्जी सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए पारा टीचर्स सड़क पर उतर आये हैं. ये लोग अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इनकी कुछ और भी मांगें हैं. इसलिए बीच-बीच में राजधानी कोलकाता में प्रदर्शन करते रहते हैं. इनकी क्या मांगें हैं और आज कहां प्रदर्शन किया, जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट.

Para Teachers Protest: पश्चिम बंगाल में पारा टीचर्स वेतन बढ़ाने की मांग करते हुए सड़क पर उतर आये हैं. एक संयुक्त मंच के लगभग 200 सदस्यों ने सोमवार को राज्य शिक्षा विभाग के मुख्यालय के बाहर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी शिक्षक ‘संग्रामी यौथ मंच’ के सदस्य पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए सड़क पर बैठ गये और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से मिलने की मांग की.

बंगाल में पारा टीचर्स का वेतन 9 से 10 हजार रुपए

सेंजुती सान्याल ने प्रदर्शनकारियों की ओर से कहा कि पारा टीचर्स को हर महीने 9,000 से 10,000 रुपए वेतन मिलते हैं. यह राशि परिवार चलाने के लिए बहुत कम है. उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 15,000 से 20,000 रुपए किया जाये. राज्य के लेखा अनुदान में घोषित 1,000 रुपए की वृद्धि बहुत कम है.

Para Teachers Protest: पीएम और ग्रेच्यूटी का भी लाभ देने की मांग

उन्होंने कहा कि मंच ने भविष्य निधि (पीए) और ग्रेच्यूटी का लाभ देने की भी मांग की है. इतना ही नहीं, राज्य सरकार के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के समान चुनाव संबंधी काम से राहत देने का भी अनुरोध किया है.

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बंगाल में काम कर रहे हैं 50 हजार से अधिक पारा टीचर्स

पश्चिम बंगाल में 67,000 से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 50,000 से अधिक पारा टीचर्स काम कर रहे हैं. पिछले सप्ताह, इसी तरह के एक विरोध प्रदर्शन में पारा-शिक्षकों के मंच ने राज्य शिक्षा विभाग के मुख्यालय, विकास भवन के सामने कई घंटे तक प्रदर्शन किया था.

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By Mithilesh Jha

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