‘कथाकार की डायरी: द स्टोरी ऑफ ऑर्डिनरी लाइव्स’ की हुई स्क्रीनिंग

‘द स्टोरी ऑफ ऑर्डिनरी लाइव्स'''' के निर्देशक अन्वेष ने बताया कि यह फिल्म आम लोगों के जीवन की कहानियों पर आधारित है और इसका निर्माण टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और बुसान जैसे फिल्म समारोहों में प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया है.

आइआरएस अधिकारी ने बनायी है फिल्म

कोलकाता. भारतीय राजस्व सेवा (इंडियन रेवेन्यू सर्विस) (आइआरएस) के एक सेवारत अधिकारी की पहली फिल्म ‘कथाकार की डायरी: द स्टोरी ऑफ ऑर्डिनरी लाइव्स’ की स्क्रीनिंग की गयी है, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया. इस अधिकारी ने कर प्रशासन से सिनेमा की दुनिया में छलांग लगायी है. उन्होंने ‘कथाकार की डायरी: द स्टोरी ऑफ ऑर्डिनरी लाइव्स’ के साथ एक फिल्म निर्माता के रूप में अपनी शुरुआत की, जिसका प्रीमियर 31वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (केआइएफएफ) में किया गया. पश्चिम बंगाल की पृष्ठभूमि पर आधारित लेकिन सार्वभौमिक अपील वाली ‘कथाकार की डायरी’ पांच किरदारों – एक बच्चा, एक कैंसर पीड़ित फोटोग्राफर, एक संगीतकार, एक ट्रांसजेंडर महिला और एक एथलीट- पर आधारित है और विविधता, लचीलेपन और मानवीय संबंधों के विषयों की पड़ताल करती है. फिल्म निर्माता, अन्वेश, वर्तमान में पुणे में जीएसटी विभाग में संयुक्त आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं. उनकी फिल्म केआईएफएफ की एशियन सिलेक्ट नेटपैक श्रेणी के अंतर्गत प्रदर्शित की गयी है. ‘द स्टोरी ऑफ ऑर्डिनरी लाइव्स”””””””” के निर्देशक अन्वेष ने बताया कि यह फिल्म आम लोगों के जीवन की कहानियों पर आधारित है और इसका निर्माण टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और बुसान जैसे फिल्म समारोहों में प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया है.

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By GANESH MAHTO

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