आफत बनी रिकॉर्ड बारिश करंट लगने से आठ की मौत

कोलकाता में सोमवार रात मूसलाधार बारिश आफत बन कर टूटी. करंट की चपेट में आने से आठ लोगों की मौत हो गयी है.

मुसीबत. कोलकाता-हावड़ा डूबे, ट्रेन, मेट्रो, सड़क व हवाई यातायात प्रभावित

संवाददाता, कोलकाताकोलकाता में सोमवार रात मूसलाधार बारिश आफत बन कर टूटी. करंट की चपेट में आने से आठ लोगों की मौत हो गयी है. लगभग चार दशक के बाद हुई इतनी भारी बारिश के कारण हवाई, रेल और सड़क परिवहन प्रभावित हुआ है. शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिये गये हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे से भी कम समय में हुई 251.4 मिलीमीटर बारिश 1986 के बाद सबसे अधिक बारिश है. उस साल 259.5 मिलीमीटर बारिश हुई थी. इसके अलावा यह बीते 137 साल में एक दिन में छठी सबसे अधिक बारिश है. साल 1888 में 253 मिलीमीटर बारिश हुई थी.

शहर के कई इलाकों में घुटने से लेकर कमर तक जलजमाव हो गया, जिससे जनजीवन लगभग ठप हो गया है. भारी बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गयीं. कई जगहों पर छोटी से लेकर बड़ी गाड़ियां खराब होने से यातायात सेवा पर बुरा असर पड़ा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा: मैंने ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी. मुझे उन लोगों के लिए बहुत दुख हो रहा है, जिन्होंने इस बारिश में अपनी जान गंवाई है. बादल फटने की घटना नहीं: मौसम विभाग ने बादल फटने की घटना से इनकार किया है. विभाग का कहना है कि अगर एक घंटे में 100 मिलीमीटर या उससे ज्यादा बारिश होती है, तो उसे बादल फटना कहा जाता है. सुबह तीन से चार बजे के बीच कोलकाता में एक घंटे में 98 मिलीमीटर बारिश हुई. यानी अगर दो मिलीमीटर और बारिश होती, तो इसे भौगोलिक दृष्टि से बादल फटना कहा जा सकता था. पिछले 24 घंटों में कोलकाता में 251.4 मिलीमीटर बारिश हुई है. सुबह 2:30 बजे से 5:30 बजे तक 185.6 मिलीमीटर बारिश हुई.

मौसम विभाग ने पहले बताया था कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. मंगलवार सुबह 8:30 बजे यह पश्चिम बंगाल के गंगा के तटीय क्षेत्र और उत्तरी ओडिशा तट पर स्थित था. इसके अलावा इसी समय इस क्षेत्र में एक चक्रवात सक्रिय है. अगले 24 घंटों में इसके स्थान बदलने की संभावना नहीं है. मौसम विभाग ने बताया कि इन दोनों के कारण ही कोलकाता में रात भर इतनी भारी बारिश हुई है. इसके अलावा गुरुवार को उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है. यह और तीव्र होकर पश्चिम की ओर बढ़ सकता है और शुक्रवार को आंध्र और ओडिशा तटों के बीच कहीं पहुंच सकता है. मौसम विभाग ने कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है. कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है.

अलीपुर मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक हबीबुर रहमान विश्वास ने कहा कि सोमवार की रात से मंगलवार सुबह तक कोलकाता में कुछ असामान्य बारिश हुई. उन्होंने कहा कि यह घटना अभूतपूर्व नहीं है. उन्होंने कहा कि 200 मिमी बारिश का अनुमान था. लेकिन पिछले 24 घंटों में कोलकाता में 251.4 मिमी (बहुत भारी) बारिश हुई है.बारिश के कारण कोलकाता की अधिकांश मुख्य सड़कों पर यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. महानगर के पार्क सर्कस, गरियाहाट, बेहाला और कॉलेज स्ट्रीट जैसे प्रमुख चौराहों पर घुटने से कमर तक पानी भरा हुआ है, जिससे वाहनों की रफ्तार भी कम हेने से कई सड़कों में जाम की स्थिति रही. इएम बाइपास, एजेसी बोस रोड और सेंट्रल एवेन्यू पर लंबे समय तक यातायात जाम रहा. दक्षिण और मध्य कोलकाता की कई छोटी-छोटी गलियों में कमर तक पानी भर गया, जिससे वहां आवाजाही बाधित हो गयी है.ट्रेन और मेट्रो रेल सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >