हाइकोर्ट में सरकारी वकील की दलील से बढ़ीं बस मालिकों की मुश्किलें

15 साल से अधिक पुरानी निजी बसों की मियाद बढ़ाने की मांग को लेकर बस मालिकों के संगठन ने कलकत्ता हाइकोर्ट का रुख किया था.

By Prabhat Khabar News Desk | March 8, 2025 1:22 AM

कोलकाता. 15 साल से अधिक पुरानी निजी बसों की मियाद बढ़ाने की मांग को लेकर बस मालिकों के संगठन ने कलकत्ता हाइकोर्ट का रुख किया था. उनका कहना था कि बसों को लेकर सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया को सरकार को खुला रखना चाहिए. परिवहन मंत्री ने बसों की अवस्था को आधार बना कर मियाद बढ़ाने की बात कही थी. लेकिन शुक्रवार को हाइकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने बिल्कुल अलग राग अलापा. सरकारी वकील ने कहा कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों की मियाद बढ़ाने का फैसला राज्य सरकार नहीं ले सकती है. राष्ट्रीय हरित अदालत व सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर मामला चल रहा है. जब तक वहां मामले पर कोई फैसला नहीं हो जाता, तब तक सरकार इस बारे में कुछ नहीं कर सकती है. बता दें कि पुरानी बसों की मियाद बढ़ाने को लेकर सरकार की घोषणा के विपरीत सरकारी वकील ने आज बात कही. इस पर निजी बस संगठनों के मालिकों ने भी चिंता जतायी. न्यायाधीश राई चट्टोपाध्याय ने सरकार से इस मामले में लिखित रूप से अपना वक्तव्य पेश करने का निर्देश दिया. सूत्रों के मुताबिक, इस समस्या का समाधान खोजने के लिए परिवहन विभाग नेअब कानून मंत्री के पास जाने का फैसला लिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है