बेलडांगा हिंसा : केस डायरी नहीं सौंप रही पुलिस, एनआइए की कोर्ट में अर्जी

मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में पिछले महीने हुई हिंसा की घटना के मामले में एनआइए ने राज्य पुलिस पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है.

संवाददाता, कोलकाता

मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में पिछले महीने हुई हिंसा की घटना के मामले में एनआइए ने राज्य पुलिस पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है. इस संबंध में एनआइए ने कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि राज्य पुलिस मामले की केस डायरी हस्तांतरित नहीं कर रही है. शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में एनआइए के वकील ने मामला दायर किया. दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सुनवाई का आवेदन और दस्तावेज हस्तांतरण के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए राज्य की ओर से भी हाई कोर्ट में नया मामला दायर किया गया है. मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल और न्यायाधीश चैताली चट्टोपाध्याय दास की खंडपीठ ने कहा कि आगामी मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल के साथ न्यायाधीश पार्थसारथी सेन की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई होगी, क्योंकि इससे पहले उसी खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई थी. इसलिए अब अगली सुनवाई मंगलवार को होगी.

क्या है मामला : झारखंड में मुर्शिदाबाद के प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की मौत होने की जानकारी मिलते ही पिछले महीने बेलडांगा में बवाल मच गया था. 16 जनवरी को अलाउद्दीन का शव उसके पैतृक गांव लाया गया था. इसके बाद ही इलाके के लोगों ने अपनी नाराजगी जतानी और हंगामा मचाना शुरू कर दिया था. दूसरे राज्य में बांग्लाभाषी मजदूर अलाउद्दीन की पीटकर हत्या करने के आरोप में सियालदह-लालगोला शाखा पर रेल रोको, तोड़फोड़, आगजनी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर पथावरोध भी किया गया था. हालांकि झारखंड की पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद दावा किया था कि अलाउद्दीन ने आत्महत्या की थी.

हाइकोर्ट ने एनआइए से जांच का दिया था आदेश

इस मामले में हाइकोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार अगर चाहती है, तो वह एनआइए से जांच करवा सकती है. इसके बाद गृह मंत्रालय ने एनआइए जांच के आदेश दिये थे. कोलकाता की नगर दायरा अदालत ने बेलडांगा मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी एनआइए को केस डायरी सौंपने का आदेश दिया था. निचली अदालत ने अपने आदेश में 26 फरवरी तक केस डायरी हस्तांतरित करने का आदेश दिया था. लेकिन अदालत में एनआइए की ओर से वकील ने बताया कि अभी केस डायरी नहीं सौंपी गयी है.

एनआइए जांच को लेकर भाजपा-तृणमूल में बहस

कोलकाता. प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को तृणमूल सरकार पर पिछले महीने बेलडांगा में हुए दंगों की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआइए) द्वारा की जा रही जांच का विरोध करने और उसमें बाधा डालने का आरोप लगाया. लेकिन सत्तारूढ़ दल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियां सहयोग मिलने के बावजूद अक्सर ऐसे दावे करती रहती हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि सीबीआइ और इडी को हत्या और बलात्कार सहित अन्य मामलों में जिस तरह के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है, वैसा ही प्रतिरोध एनआइए को भी करना पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां तो कोई सरकार ही नहीं है. एक पोस्ट में प्रदेश भाजपा ने दावा किया कि सरकार बेलडांगा हिंसा की एनआइए जांच का विरोध कर रही है और कथित तौर पर मामले से संबंधित दस्तावेजों को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने से इनकार कर दिया है. विपक्षी दल ने सत्तारूढ़ दल पर ऐसी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया जो आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं. इन आरोपों का जवाब देते हुए तृणमूल प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियां सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध कराये जाने के बावजूद अक्सर ऐसे आरोप लगाती हैं. उन्होंने उपहास उड़ाते हुए कहा कि इन एजेंसियों की सफलता के बारे में सभी लोग जानते हैं.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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