पीजी हॉस्पिटल : ''''अनन्यो'''' को लेकर डॉक्टरों ने जताया विरोध

इसे पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है. इससे जरूरतमंद लोग लाभान्वित नहीं होंगे.

केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप कोलकाता. राज्य सरकार द्वारा एसएसकेएम (पीजी) में उद्घाटित वुडबर्न वार्ड 2 ‘अनन्यो’ के संचालन को लेकर चिकित्सकों की आलोचना बढ़ती जा रही है. वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम (डब्ल्यूबीडीएफ) ने अब प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इस नये वार्ड से आम लोगों को कोई वास्तविक लाभ नहीं होगा. इसे पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है. इससे जरूरतमंद लोग लाभान्वित नहीं होंगे. उन्हें यहां इलाज कराने का अवसर नहीं मिलेगा. इस चिकित्सक संघ का कहना है कि प्रतिस्पर्धी दरों पर कॉर्पोरेट सुविधाओं मुहैया कराने के लिए सरकारी परिसेवा को इस्तेमाल में लाया जा रहा है. चिकित्सक संघ का कहना है कि यह सार्वजनिक निवेश के साथ विश्वासघात है. मानो संपन्न लोगों को सब्सिडी दी जा रही है. समाज के अपर क्लास वाले लोगों के लिए वुडबर्न टू को तैयार किया गया है. यहां पांच हजार से 15 हजार के दैनिक बेड चार्ज पर लोगों का इलाज किया जा रहा है. चिकित्सकों का कहना है कि संपन्न लोग किसी भी निजी अस्पताल में अपना इलाज करा सकते हैं. ऐसे सरकारी अस्पताल में लगभग 100 करोड़ का निवेश कर किसके लिए इसे तैयार किया गया है. सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है. गौरतलब है कि डब्ल्यूबीडीएफ के अध्यक्ष डॉ कौशिक चाकी और सचिव डॉ संजय होल्मे चौधरी की ओर से इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी की गयी है. डॉक्टरों का दावा है कि सरकारी अस्पताल परिसर में सरकारी कोष से तैयार किये गये इस वार्ड में केवल आर्थिक रूप से संपन्न मरीजों का इलाज किया जा रहा है. डब्ल्यूबीडीएफ ने इसे सरकारी अस्पताल का निजीकरण बताया और कहा कि वार्ड का उद्देश्य आम जनता की सेवा नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट स्तर पर विभिन्न रेट पर मरीजों को इलाज उपलब्ध कराना है.

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By GANESH MAHTO

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