तिहाड़ जेल से पैरोल पर रिहा होकर फरार हुआ यूपी का कुख्यात अपराधी कोलकाता से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने उसे पार्क स्ट्रीट थाने की पुलिस की मदद से स्थित रिपन स्ट्रीट से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया.

कोलकाता. दिल्ली के तिहाड़ जेल से पैरोल पर बाहर आने के बाद फरार हुआ उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मोहम्मद सोहराब (38) को आखिरकार कोलकाता में गिरफ्तार कर लिया गया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने उसे पार्क स्ट्रीट थाने की पुलिस की मदद से स्थित रिपन स्ट्रीट से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. वह कोलकाता में नकली पहचान का इस्तेमाल कर ऐप बाइक चालक बनकर रह रहा था. छिपने के लिए उसने किराये पर एक कमरा भी लिया था.

पार्क स्ट्रीट थाने में हुई मैराथन पूछताछ

पुलिस सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की टीम ने उसे पार्क स्ट्रीट थाने में लाकर घंटों तक उससे पूछताछ की. बुधवार को उसे स्थानीय बैंकशाल अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन किया जायेगा. ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे दिल्ली ले जाया जायेगा. पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि फरार रहने के दौरान उसने किन लोगों से संपर्क रखा और अपराधी नेटवर्क से उसका कितना जुड़ाव बना रहा.

कैसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, मोहम्मद सोहराब को एक जुलाई को अपनी पत्नी से मिलने के लिए 10 दिनों की पैरोल दी गयी थी. लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी वह तिहाड़ नहीं लौटा. उसके गायब होते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, उत्तर प्रदेश पुलिस और यूपी एसटीएफ ने उसकी तलाश शुरू कर दी. जांच के दौरान कई दिनों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गयी. तभी पता चला कि वह फरार रहने के दौरान दिल्ली छोड़कर पश्चिम बंगाल में पहुंच गया है. कोलकाता आते ही उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली. वह एक अन्य व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ऐप-आधारित बाइक चलाने लगा. रिपन स्ट्रीट में एक छोटा कमरा किराये पर लेकर वह सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन बिता रहा था, ताकि किसी भी तरह पुलिस की नजर में न आये.

हत्या के सात मामलों समेत उसके खिलाफ 20 आपराधिक मामले हैं दर्ज

पुलिस सूत्र बताते हैं कि उसकी गतिविधियों को लेकर संदेह पैदा होने के बाद पुलिस ने निगरानी तेज की. इसके बाद मंगलवार दोपहर को उसे घेरकर गिरफ्तार किया गया. मोहम्मद सोहराब लखनऊ का निवासी है और उसके खिलाफ सा हत्याएं, एवं हत्या के प्रयास और डकैती समेत 20 गंभीर मामले दर्ज हैं. वर्ष 2003 में उसके भाई की हत्या के बाद उसने अपने दो भाइयों के साथ मिलकर बदला लेने के लिए एक घंटे के भीतर तीन लोगों की हत्या कर दी थी. हत्याओं से पहले पुलिस को फोन कर उसने चुनौती भी दी थी. वर्तमान में उसके दो भाई तिहाड़ जेल में बंद हैं, जबकि सोहराब पैरोल पर बाहर आकर फरार हो गया था.

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Author: GANESH MAHTO

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