कहां है TMC की टॉलीवुड ब्रिगेड? बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी से दूर हुए फिल्मी सितारे

Mamata Banerjee Tollywood Brigade: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में टीएमसी के पतन के बाद ममता बनर्जी की चहेती टॉलीवुड ब्रिगेड ने उनसे दूरी बना ली है. मिमी, नुसरत और देव जैसे बड़े सितारों ने बदली राजनीतिक परिस्थितियों के बीच दीदी को पूरी तरह से अकेला छोड़ दिया है.

Mamata Banerjee Tollywood Brigade: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त के बाद राज्य के सियासी गलियारों से लेकर बंगाली सिनेमा जगत (Tollywood) तक बहुत कुछ बदल गया है. कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हर मंच की शोभा बढ़ाने वाली, रैलियों में ग्लैमर का तड़का लगाने वाली और सोशल मीडिया पर दीदी के पक्ष में कसीदे पढ़ने वाली उनकी चहेती ‘टॉलीवुड ब्रिगेड’ आज पूरी तरह गायब है.

ममता के ग्लैमरस दौर का अंत और सितारों का पलायन

कुछ महीने पहले तक कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (KIFF) से लेकर टीएमसी की शहीद दिवस (21 जुलाई) रैली के मुख्य मंच तक, जो फिल्मी चेहरे ममता बनर्जी के इर्द-गिर्द नजर आते थे, वे अब कालीघाट (ममता बनर्जी का आवास) के आस-पास भी दिखाई नहीं दे रहे हैं.

सोशल मीडिया पर सन्नाटा

चुनाव नतीजों के एक महीने बाद भी बंगाल के इन दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेता-अभिनेत्रियों के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से ममता बनर्जी या टीएमसी के समर्थन में एक भी पोस्ट सामने नहीं आया है.

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जीत के सारथी, हार के बाद बने अजनबी

ममता बनर्जी ने बंगाली सिनेमा के सितारों को राजनीति में लाकर एक नया प्रयोग किया था, जिसने कई सालों तक टीएमसी को चुनाव में फायदा पहुंचाया. नुसरत जहां, मिमी चक्रवर्ती, देव (दीपक अधिकारी), सायंतनी घोष, राज चक्रवर्ती और जून मालिया जैसे चेहरों को ममता बनर्जी ने न केवल राजनीति में एंट्री दी, बल्कि उन्हें संसद और विधानसभा तक पहुंचाया.

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पार्टी की रीढ़ बनी थी टॉलीवुड ब्रिगेड

संकट के समय में ये सितारे ममता बनर्जी के रक्षक बनकर सामने आते थे. रैलियों में लाखों की भीड़ जुटाने का काम करते थे. लेकिन 2026 की करारी हार और पार्टी के भीतर मचे आंतरिक विद्रोह (58 विधायकों की बगावत) के बीच इस ब्रिगेड ने खुद को पूरी तरह आइसोलेट (अलग) कर लिया है.

Mamata Banerjee Tollywood Brigade: करियर बचाने की मजबूरी या भाजपा सरकार का खौफ?

टॉलीवुड ब्रिगेड की इस अचानक बदले रुख के पीछे फिल्म इंडस्ट्री के भीतर चल रही कई अंदरूनी मजबूरियों को जिम्मेदार माना जा रहा है. बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में सर्वाइवल (अस्तित्व) के लिए सत्ता के साथ तालमेल बिठाना जरूरी होता है. बंगाल में अब भाजपा की नयी सरकार बन चुकी है.

टॉलीवुड को सताता है यह डर

ऐसे में टॉलीवुड के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों को डर है कि अगर वे अब भी ममता बनर्जी के खेमे में खड़े दिखे, तो उनके सिनेमाई प्रोजेक्ट्स, सरकारी सब्सिडी और हॉल स्क्रीनिंग पर संकट आ सकता है. यह चुप्पी वफादारी से ज्यादा अपने करियर को सुरक्षित रखने की एक सोची-समझी व्यावसायिक रणनीति है.

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By Mithilesh Jha

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