चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी का गंभीर आरोप, कहा- रिकॉर्ड में सुधार नहीं, वोटर के नाम काटने की प्रक्रिया है एसआईआर

Mamata Banerjee Writes to Election Commission: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी बंगाल चुनाव 2026 से पहले बेहद गुस्से में हैं. एसआईआर के मुद्दे पर उन्होंने एक बार फिर भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर हमला बोला है. सीईसी को लिखी चिट्ठी में ममता बनर्जी ने कहा है कि एसआईआर का एकमात्र उद्देश्य वोटर का नाम काटना है. उन्होंने और क्या-क्या आरोप लगाये हैं, यहां पढ़ें.

Mamata Banerjee Letter to Election Commission: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाये हैं. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (Election Commission of India) को शनिवार को एक चिट्ठी लिखकर यह आरोप लगाये. ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रिकॉर्ड सही करने की बजाय मतदाताओं के नाम हटाने की कवायद बना दी गयी है.

चुनाव आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और मनमानी का आरोप

पश्चिम बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने अपने पत्र में निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और चुनाव प्रक्रिया के दौरान मनमानी करने का भी आरोप लगाया. टीएमसी सुप्रीमो ने 3 पन्ने की एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें कहा है कि सुनवाई की प्रक्रिया काफी हद तक यांत्रिक हो गयी है, जो पूरी तरह से तकनीक से संचालित हैं. इसमें विवेक, संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण का घोर अभाव है.

Mamata Banerjee Letter to ECI: एसआईआर का एकमात्र उद्देश्य वोटर का नाम काटना

मुख्यमंत्री ने यह भी लिखा है कि एसआईआर की प्रक्रिया का उद्देश्य न तो वोटर लिस्ट में सुधार करना है और न ही मतदाताओं का नाम जोड़ना. इस प्रक्रिया का एकमात्र उद्देश्य वोटर का नाम काटना है. उन्होंने दावा किया कि वर्तनी या उम्र संबंधी मामूली त्रुटियों के कारण आम लोगों को जबरन सुनवाई, उत्पीड़न और वेतन हानि का सामना करना पड़ रहा है.

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शादी के बाद उपनाम बदलने वाली महिलाओं को हो रही दिक्कतें – ममता

मुख्यमंत्री ने शादी के बाद उपनाम बदलने वाली महिलाओं की दिक्कतों के बारे में भी चुनाव आयोग का ध्यान आकृष्ट किया. कहा कि ऐसी महिलाओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है.

बंगाल में अलग पोर्टल के इस्तेमाल का भी लगाया आरोप

बंगाल की सीएम ने कहा कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में ‘तार्किक विसंगतियों’ को चुनिंदा रूप से निशाना बनाये जाने, पश्चिम बंगाल में एक अलग पोर्टल के इस्तेमाल करने और अन्य प्रणालियों में बदलाव की वजह से अधिकारियों के बीच भ्रम पैदा होने के कारण चिंता बढ़ गयी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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