खास बातें
Mamata Banerjee Crying in INDIA Bloc Meeting: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे अब तक के सबसे बड़े ऐतिहासिक तख्तापलट और लोकसभा में 20 सांसदों की खुली बगावत के बाद, बेहद कमजोर स्थिति में दिल्ली पहुंचीं ममता बनर्जी बंद कमरे में खुद को संभाल नहीं पायीं. बैठक के दौरान जब सभी विपक्षी दलों के शीर्ष नेता एक साथ बैठे, तब बंद कमरों की बातचीत में ममता बनर्जी फूट-फूटकर रोने लगीं. दीदी ने विपक्षी नेताओं के सामने अपनी ही पार्टी के बागियों और भतीजे अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किये.
सोनिया और शरद के सामने बयां की बेबसी- अपनों ने पीठ में घोंपा
सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के सामने रोते हुए कहा- मैंने जिंदगी भर जिन लोगों को अपनी उंगली पकड़कर राजनीति सिखायी, जिन्हें सांसद और मंत्री बनाया, आज सत्ता जाते ही उन्होंने ही मेरी पीठ में सबसे बड़ा खंजर घोंप दिया.
काकोली घोष के कदम से लगा झटका
दीदी ने विशेष रूप से लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार और उग्र गुट द्वारा सोमवार सुबह ही एनडीए (NDA) को समर्थन देने वाले सीक्रेट लेटर का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि दिल्ली पहुंचने से ठीक पहले उनके 20 सांसद इस तरह से बिक जायेंगे या पाला बदल लेंगे.
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बंद कमरे में अभिषेक बनर्जी पर फूटा गुस्सा
सूत्रों ने बताया कि गुप्त बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के सामने तृणमूल कांग्रेस के भीतर बुआ और भतीजे के बीच चल रहे वर्चस्व की जंग की कड़वी सच्चाई को खुले तौर पर स्वीकार की. ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं से कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और उसके बाद विधायकों व सांसदों में मची इस भगदड़ की सबसे बड़ी वजह अभिषेक बनर्जी की तानाशाही और अति-महत्वाकांक्षी कार्यशैली है.
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वरिष्ठ नेताओं को किया गया जलील
उन्होंने रोते हुए कहा कि पार्टी के पुराने और वफादार नेताओं को लगातार दरकिनार कर जलील किया गया. इसकी वजह से आज पार्टी के भीतर इस तरह का आत्मघाती विद्रोह खड़ा हो गया है. काकोली घोष दस्तीदार, रीतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा जैसे कद्दावर नेताओं का बागी हो जाना इसी गलत सांगठनिक फैसलों का नतीजा है.
Mamata Banerjee Crying in INDIA Bloc Meeting: गठबंधन के साथियों ने बंधाया ढाढ़स
ममता बनर्जी को इस तरह भावुक और असहाय देख बैठक में मौजूद तमाम विपक्षी दिग्गजों ने अपनी राजनीतिक दूरियां भुलाकर उन्हें ढाढ़स बंधाया. सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने खुद ममता बनर्जी के पास जाकर उन्हें चुप कराया और सांत्वना देते हुए कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, और इस संकट की घड़ी में पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन उनके साथ मजबूती से खड़ा है.
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राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंद कमरे में चाहे कितनी भी सहानुभूति मिली हो, लेकिन व्यावहारिक रूप से लोकसभा के 28 में से 20 सांसदों और बंगाल विधानसभा के 80 में से 58 विधायकों को गंवाने के बाद अब राष्ट्रीय राजनीति और ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर ममता बनर्जी का वो पुराना दबदबा और राजनीतिक वीटो पावर हमेशा के लिए खत्म हो चुका है. अब वे केवल अपने बचे-खुचे राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं.
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