सिंगूर : मुख्यमंत्री ने रखी बहुप्रतीक्षित घाटाल मास्टर प्लान की आधारशिला

बुधवार को वाममोर्चा शासनकाल में बंजर जमीन के रूप में चर्चित सिंगूर एक बार फिर बंगाल की राजनीति के केंद्र में आ गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 दिन पहले सिंगूर दौरे के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां एक मेगा सभा को संबोधित किया.

हुगली.

बुधवार को वाममोर्चा शासनकाल में बंजर जमीन के रूप में चर्चित सिंगूर एक बार फिर बंगाल की राजनीति के केंद्र में आ गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 दिन पहले सिंगूर दौरे के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां एक मेगा सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने न केवल कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, बल्कि चुनावी माहौल में केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ तीखा राजनीतिक संदेश भी दिया.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देव, मंत्री फिरहाद हकीम के साथ सिंगूर पहुंचीं. इंद्रकाली मैदान में आयोजित जनसभा में राज्य के जल संसाधन मंत्री मानस भुइयां, मंत्री बेचाराम मन्ना, स्नेहाशीष चक्रवर्ती सहित हुगली जिले के सभी वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता उपस्थित थे. सभा से वर्चुअल माध्यम से 1500 करोड़ रुपये की लागत वाले बहुप्रतीक्षित घाटाल मास्टर प्लान का उद्घाटन किया गया. यह योजना 1980 के दशक से लंबित थी और वर्षों तक राजनीतिक विवाद और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रही. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस परियोजना से मेदिनीपुर के बड़े हिस्से के साथ-साथ हुगली, हावड़ा और बर्दवान के लाखों लोगों को हर साल आने वाली बाढ़ से राहत मिलेगी. कार्यक्रम के दौरान बांग्लार बाड़ी योजना के तहत लाभार्थियों को आवास निर्माण की सहायता राशि सौंपी गयी. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बुधवार को ही करीब 20 लाख लोगों के बैंक खातों में घर बनाने की राशि भेजी जा रही है और कुल मिलाकर 32 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा.इसके अलावा 1000 से अधिक सरकारी सेवाओं और परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जिनके लिए 33 हजार 551 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों को मोबाइल फोन खरीदने के लिए 10-10 हजार रुपये देने की घोषणा की गयी. वहीं, किसानों को आर्थिक सहायता और फसल बीमा के तहत भी हजारों करोड़ रुपये दिये जाने की बात कही गयी.

एसआइआर के नाम पर एनआरसी लागू करने की साजिश

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भाषण में एसआइआर के नाम पर एनआरसी लागू करने की साजिश का आरोप लगाते हुए केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बंगाल में किसी को भी डिटेंशन कैंप में नहीं जाने दिया जायेगा और नागरिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा. जरूरत पड़ने पर वह अदालत जाने से भी पीछे नहीं हटेंगी. मुख्यमंत्री ने सिंगूर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह यहां 26 दिन तक अनशन पर बैठी थीं और किसानों के संघर्ष को कभी नहीं भूलेंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल में उद्योग होगा, लेकिन कृषि भूमि पर नहीं. इसी उद्देश्य से सिंगूर में आठ एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया गया है, जिससे रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे.

सभा के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली जायेंगी, लेकिन बंगाल के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. उन्होंने जनता से सतर्क रहने, किसी निजी एजेंट के झांसे में न आने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने चेतावनी दी कि एजेंट के झांसे में आने पर रुपये वापसी का दबाव बनेगा और बिहार की तरह कार्रवाई भी हो सकती है, इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.

अगले तीन महीने बेहद महत्वपूर्ण : रचना बनर्जी

सभा में सांसद रचना बनर्जी ने कहा कि अब असली लड़ाई शुरू हो चुकी है और अगले तीन महीने बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की भाषा और संस्कृति पर हमला किया जा रहा है, जिसे तृणमूल कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं करेगी.

सीएम ने वादा निभाया : देव

सांसद देव ने भावुक भाषण में कहा कि घाटाल मास्टर प्लान की फाइल हर सरकार के दफ्तरों में घूमती रही, लेकिन किसी ने इस पर काम नहीं किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही वह नेता हैं, जिन्होंने अपना वादा निभाया. उन्होंने कहा कि जो सरकार वादे पूरे करती है, वही जनता का विश्वास पाने की हकदार होती है.

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Author: BIJAY KUMAR

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