भाग्यशाली हूं कि इसरो को आकार देनेवाले असाधारण लोगों के साथ काम करने का अवसर मिला : सोमनाथ

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने रविवार को खुद को शत-प्रतिशत स्वदेशी बताते हुए कहा कि उन्होंने जो कौशल हासिल किये हैं, वे भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी में उनके अनुभव से प्राप्त हुए हैं.

एजेंसियां, कोलकाता. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने रविवार को खुद को शत-प्रतिशत स्वदेशी बताते हुए कहा कि उन्होंने जो कौशल हासिल किये हैं, वे भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी में उनके अनुभव से प्राप्त हुए हैं. आइआइटी खड़गपुर के 74वें स्थापना दिवस पर संस्थान की ओर से ‘स्पेशल लाइफ फेलो’ पुरस्कार से सम्मानित किये गये सोमनाथ ने इसरो में अपने पुराने दिनों याद किया और चंद्रयान-3 समेत अपनी उपलब्धियों का श्रेय उन “महान लोगों व नेताओं” को दिया, जिनके साथ उन्होंने काम किया है. सोमनाथ ने कहा : पिछले 38 वर्षों में हमारे और मेरे व्यक्तिगत काम में इस संगठन में प्रमुख क्षमताओं का निर्माण करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है. मैं उन असाधारण लोगों, प्रेरणास्रोतों और नेताओं के साथ काम करने को लेकर भाग्यशाली हूं, जिन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को यहां तक पहुंचाया है. मुझे उनके पदचिह्नों पर चलने और चंद्रयान-3 जैसी परियोजनाओं में योगदान देने का अवसर मिला है, जिन्होंने हमें गौरवान्वित किया है. आइआइटी खड़गपुर के छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा : एक संस्थान के रूप में आप जो हासिल कर रहे हैं, वह सराहनीय है और इसरो और देश व दुनिया के अन्य वैज्ञानिक संगठनों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे आपके साथ मजबूत संबंध बनाये रखें. इसरो में हम सभी के लिए आगे एक बड़ा लक्ष्य है और मैं चाहूंगा कि आप भी इसका हिस्सा बनें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >