एसआइआर को लेकर एलआइसी अधिकारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

इस साल होनेवाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में जोर-शोर से एसआइआर प्रक्रिया चल रही है.

कोलकाता. इस साल होनेवाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में जोर-शोर से एसआइआर प्रक्रिया चल रही है. इस प्रक्रिया में लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआइसी) अधिकारियों की नियुक्ति किया जायेगा, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ऐसे में चुनाव आयोग के इस निर्देश को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट में एक मामला दायर किया गया है. जस्टिस अमृता सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दायर करने की इजाजत भी दे दी है.इस मामले में भारतीय जीवन बीमा निगम के डेवलपमेंट अधिकारियों को एसआइआर प्रक्रिया से खुद को बाहर रखने के लिए यह याचिका दायर की है. बीमा निगम के अधिकारियों की दलील है कि अगर वे एसआइआर प्रक्रिया में शामिल होते हैं, तो अधिकारियों को इंश्योरेंस के काम से दूर रहना होगा. नतीजतन डेवलपमेंट अधिकारियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. एलआइसी को आर्थिक नुकसान भी होगा. इसलिए उन्होंने एसआइआर के काम से खुद को दूर रखने के लिए केस फाइल किया है. जस्टिस अमृता सिन्हा अगले हफ्ते केस की सुनवाई कर सकती हैं.गौरतलब है कि इससे पहले कलकत्ता हाइकोर्ट में कई केस फाइल किये गये थे, जिसमें यह सवाल उठाया गया था कि स्कूल टीचरों को बीएलओ क्यों बनाया जायेगा.

जस्टिस अमृता सिन्हा ने टीचरों पर गुस्सा दिखाते हुए उन्हें यह काम करने का आदेश दिया था. अब सभी पार्टियों की नजर इस पर है कि न्यायाधीश एलआइसी अधिकारियों को लेकर क्या फैसला लेते हैं. बता दे कि राज्य 4 नवंबर से एसआइआर लागू हुआ है.

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Author: SANDIP TIWARI

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