12 दिन कोमा में रहने के बाद 8 साल के आयुष की मौत, बीमार बच्चे को टीचर्स ने नहीं दी मदद, उल्टा खिड़की पर बिठाया

Kolkata School Student Death: कोलकाता के नेताजी नगर में 8 वर्षीय छात्र आयुष नाथ की मौत के बाद बवाल मच गया है. स्कूल पर आरोप है कि बीमार बच्चे को इलाज देने की बजाय खिड़की पर बिठाया गया, जिसकी वजह से बाद में गिरने पर उसे गंभीर चोट आयी. पढ़ें पूरी खबर.

कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट

Kolkata School Student Death: कोलकाता महानगर के महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के तीसरी कक्षा के छात्र आयुष नाथ (8) की 12 दिनों तक कोमा में रहने के बाद मौत हो गयी. परिजनों का आरोप है कि अगर स्कूल समय रहते आयुष को प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराता, तो आज वह जिंदा होता. इस घटना के बाद मंगलवार को आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल के गेट पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

क्या हुआ था उस काली दोपहर को?

परिजनों और चश्मदीद दोस्तों के जरिये जो हकीकत सामने आयी है, वह बेहद चौंकाने वाली है. 13 मई को आयुष स्कूल गया था. क्लास में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. इसकी जानकारी उसने शिक्षकों को दी. आरोप है कि शिक्षकों ने उसे डॉक्टर के पास ले जाने या घर फोन करने की बजाय, उसे खिड़की के पास सिर झुकाकर बैठने को मजबूर किया.

सीढ़ियों से गिरने के बाद हो गया बेहोश

घंटों उसी हालत में बैठे रहने के बाद जब छुट्टी हुई, तो कमजोरी की वजह से आयुष भारी बैग का वजन नहीं संभाल सका. सीढ़ियों से उतरते समय वह अनियंत्रित होकर गिर पड़ा और उसका सिर दीवार से जोर से टकरा गया. जब आयुष के पिता उसे लेने स्कूल पहुंचे, तो उन्हें टीचर्स रूम में बुलाया गया. वहां आयुष आधी बेहोशी की हालत में पड़ा मिला. स्कूल ने परिवार को यह तक नहीं बताया कि बच्चा गिर गया है.

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12 दिन कोमा में रहने के बाद थम गयी सांसें

आयुष की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि आयुष के सिर में अंदरूनी रक्तस्राव (Internal Bleeding) हुआ है. 12 दिनों तक मासूम वेंटिलेटर और कोमा की स्थिति में रहा. रविवार को उसने आखिरी सांस ली. डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर इलाज न मिलना मौत का मुख्य कारण बना.

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स्कूल के बाहर भारी बवाल, पुलिस ने शुरू की जांच

मंगलवार सुबह स्कूल खुलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक गेट पर जमा हो गये. अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को स्कूल के भरोसे छोड़ते हैं, लेकिन महर्षि विद्या मंदिर ने क्रूरता की हद पार कर दी. दोषियों को तुरंत बर्खास्त किया जाये. परिवार ने नेताजी नगर थाने में स्कूल प्रशासन और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है.

CCTV खंगालेगी पुलिस

पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि यह पता चल सके कि आयुष के गिरने के वक्त वहां कौन मौजूद था और शिक्षकों ने उसे खिड़की पर बिठाया था या नहीं.

Kolkata School Student Death: अभिभावकों में खौफ का माहौल

इस घटना ने इलाके के अन्य स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता को भी डरा दिया है. क्या स्कूल केवल फीस वसूलने के केंद्र हैं? क्या वहां बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए कोई प्रोटोकॉल नहीं है? नेताजी नगर पुलिस अब इस मामले की जांच लापरवाही से हुई मौत (Death Due to Negligence) की धाराओं के तहत कर रही है.

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Published by: Mithilesh Jha

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