कालीपूजा के दौरान कोलकाता एयरपोर्ट रहा व्यस्त

दो दिनों में कोलकाता आनेवाले यात्रियों की रिकार्ड संख्या, 66 हजार से अधिक यात्री लौटे महानगर

दिवाली से पहले प्रमुख शहरों से कोलकाता का किराया लगभग हो गया था दोगुना कोलकाता. कालीपूजा को लेकर कोलकाता आनेवाले यात्रियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि देखी गयी. शनिवार और रविवार, गत दो दिनों में 66,000 से ज्यादा यात्री कोलकाता पहुंचे, जो इस साल दो दिनों में आने वालों की सबसे अधिक संख्या है. ये यात्री काली पूजा, दिवाली और भाई फोटा उत्सवों में शामिल होने के लिए अपने कार्यस्थलों और संस्थानों से कोलकाता आये. कोलकाता एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, बेहिसाब किराये के बावजूद विभिन्न गंतव्यों से गत शनि और रविवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर 66 हजार से अधिक यात्री आये. दोनों दिन कोलकाता एयरपोर्ट बेहद व्यस्त रहा. दो दिनों में 66,000 से अधिक यात्रियों ने कोलकाता के लिए उड़ान भरी, जो इस साल दो दिनों में सबसे ज्यादा यात्रियों के आगमन का रिकार्ड है. गत 16 अक्तूबर को दिवाली से पहले प्रमुख शहरों से कोलकाता के लिए हवाई किराये लगभग दोगुने हो गये थे. मुंबई से उड़ानों का किराया लगभग 19,000 रुपये, दिल्ली और चेन्नई से 13,000 रुपये था. बेंगलुरु से उड़ानों का किराया 13,600 रुपये और अहमदाबाद से 16,500 रुपये रहा. इतने अधिक किराये के बावजूद कोलकाता एयरपोर्ट ने आगमन के क्षेत्र ने दो दिनों में रिकार्ड कायम किया. शनिवार को कोलकाता हवाई अड्डे से 60,895 यात्रियों ने सफर किया. इनमें से 33,100 दूसरे विभिन्न गंतव्यों से कोलकाता आने वाले यात्री थे, जिनमें से 29,374 घरेलू उड़ानों से आये. वहीं रविवार को हवाई अड्डे से 58,536 यात्रियों ने सफर किया, जिसमें 32,922 यात्री कोलकाता आये, जिनमें से 29,278 घरेलू उड़ानों से आये. कोलकाता एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा के बाद हवाई अड्डे के लिए आने वाले यात्रियों के लिहाज से यह रिकार्ड था. हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अन्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करनी पड़ीं और कन्वेयर बेल्ट और ट्रॉली क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया. गौरतलब है कि दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता हवाई अड्डे ने पंचमी से शुरू होने वाले नौ दिनों में 5.6 लाख से अधिक यात्रियों के आवागमन के साथ सबसे अधिक यात्रियों की भीड़ देखी गयी. हालांकि, यह संख्या 2024 से कम थी क्योंकि कई लोगों ने दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता की यात्रा नहीं की और अपनी छुट्टियों को काली पूजा, दिवाली और भाई फोटा के लिए बचाकर रखा. बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर आर दत्ता ने बताया कि उन्होंने इस साल दुर्गा पूजा की अपनी यात्रा छोड़ दी थी और दिवाली पर घर आने का फैसला किया था. भवानीपुर निवासी दत्ता ने कहा कि न तो उन्हें और न ही उनकी पत्नी को दुर्गा पूजा के दौरान छुट्टी मिली, लेकिन दिवाली के लिए छुट्टियां स्वीकृत हो गयीं थी, जिससे वे काली पूजा से लेकर जगद्धात्री पूजा तक अपने घर पर लंबी छुट्टी मनाने आये. कोलकता एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता आनेवाले यात्रियों के स्वागत के लिए कोलकाता एयरपोर्ट पर दिवाली की लाइटें लगायीं गयीं. एयरपोर्ट पर 3डी एनिमेशन डिस्प्ले भी प्रदर्शित किये गये हैं, जो विक्टोरिया मेमोरियल, हावड़ा ब्रिज, दक्षिणेश्वर मंदिर आदि जैसे विभिन्न स्थानों पर दिवाली की भावना को प्रदर्शित करता है, जो शहर के आकर्षण, लय, विरासत और सांस्कृतिक सार को दर्शाता है.

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Author: GANESH MAHTO

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