मॉनसून में जर्जर इमारतों में रहने वाले लोगों को जागरूक कर रहा निगम

महानगर में जर्जर इमारतों की संख्या तीन हजार से अधिक है. लोग अपनी जान को जोखिम में डाल कर इन इमारतों में रहते भी हैं.

कोलकाता. महानगर में जर्जर इमारतों की संख्या तीन हजार से अधिक है. लोग अपनी जान को जोखिम में डाल कर इन इमारतों में रहते भी हैं. पर हर साल मॉनसून के दौरान ऐसे इमारतों के ढहने लोगों कई बार जानमाल का भी नुकसान होता है. ऐसे में कोलकाता में जुलाई महीने के दूसरे सप्ताह से ही रह-रह कर लगातार बारिश हो रही है. ऐसे में इन इमारतों में रहने वाले लोगों को लगातार निगम की ओर से जागरूक किया जा रहा है. कुछ परिवार को जर्जर इमारतों से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है. बता दें कि जर्जर इमारतों की सबसे अधिक संख्या उत्तर कोलकाता में है. निगम के अधिकारी ने बताया कि जिन जर्जर इमारतों में लोग रह रहे हैं, उनमें रहने वालों पर हमेशा ही खतरा बना रहता है. इसलिए जरूरी है कि वे सतर्क एवं सचेत रहें, ताकि जानमान का नुकसान ना हो.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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