मुख्य बातें
SIR Tribunal: कोलकाता: पहले चरण के मतदान से पहले बंगाल में मतदाता सूची में एक बड़ा कानूनी बदलाव हुआ है. आरोप है कि विशेष गहन संशोधन के कारण लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम सूची से छूट गए हैं. तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है.
ट्रिब्यूनल की प्रक्रियाएं बहुत अस्पष्ट
याचिकाकर्ता शेख अनवर अली द्वारा दायर याचिका में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के संशोधन की विशेष प्रक्रिया के दौरान लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया है. मतदाता सूचियों से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए 19 ‘अपीलीय न्यायाधिकरणों’ का गठन किया गया है. हालांकि, यह आरोप लगाया जाता है कि उनकी प्रक्रियाएं बहुत अस्पष्ट और असंगत हैं.
मतदाता उत्पीड़न का आरोप
मतदाताओं को यह ठीक से पता नहीं है कि आवेदन कैसे करें. सुनवाई की सटीक तारीख की सूचना कैसे प्राप्त करें, या इस न्यायाधिकरण में उन्हें वकील द्वारा प्रतिनिधित्व मिल सकता है या नहीं, इस बारे में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं. वादी ने न्यायालय के तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने अपील प्रक्रिया को आम मतदाताओं के लिए सुगम बनाने की अपील की है. उच्च न्यायालय से एक पारदर्शी और एकसमान संरचना बनाने का अनुरोध किया गया है.
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