कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त

कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया.

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया. शीर्ष न्यायालय के कॉलेजियम ने छह मार्च को उनके नाम की सिफारिश की थी. उनकी नियुक्ति की घोषणा विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की. न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची का शीर्ष अदालत में कार्यकाल छह वर्ष से अधिक का होगा. इस दौरान वह भारत के प्रधान न्यायाधीश के रूप में भी काम करेंगे. न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन के 25 मई 2031 को सेवानिवृत्त होने पर, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची दो अक्तूबर 2031 को अपनी सेवानिवृत्ति तक भारत के प्रधान न्यायाधीश का पद संभालेंगे. वह तीन अक्तूरब 1966 को जन्मे हैं, जहां उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं, वहीं उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष में पद छोड़ते हैं.

गौरतलब है कि न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची को 27 जून 2011 को कलकत्ता हाइकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. उन्हें चार जनवरी 2021 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया था. न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची को आठ नवंबर 2021 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में वापस भेज दिया गया और तब से वह वहीं कार्यरत हैं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को न्यायाधीश जयमाल्य बागची को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने पर बधाई दी. सुश्री बनर्जी ने इसे बंगालियों के लिए गर्व का क्षण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा: न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची को उनके शानदार करियर के लिए शुभकामनाएं.

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