खास बातें
I-PAC Director Vinesh Chandel ED Custody: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान से ठीक पहले केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. दिल्ली की एक अदालत ने राजनीतिक परामर्शदाता संस्था आई-पैक (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को मंगलवार को 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया.
चंदेल की गिरफ्तारी से खड़ा हुआ नया विवाद
चंदेल पर राजनीतिक दलों से प्राप्त धन के कथित हवाला लेनदेन और खातों में हेराफेरी के गंभीर आरोप हैं. ईडी का दावा है कि आई-पैक करीब 50 करोड़ रुपए के धनशोधन (मनी लाउंडरिंग) में शामिल है. इस गिरफ्तारी ने चुनावी रणनीतियों के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है.
आधी रात को जज के आवास पर हुई पेशी
सोमवार शाम करीब पौने आठ बजे गिरफ्तारी के बाद विनेश चंदेल को हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच सोमवार रात करीब 11:55 बजे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन के आवास पर पेश किया गया. अदालत ने दलीलें सुनने के बाद मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे उन्हें 10 दिन की रिमांड पर भेजने का आदेश दिया. 24 अप्रैल तक चंदेल से ईडी मुख्यालय में सघन पूछताछ की जायेगी.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
क्या हैं ईडी के गंभीर आरोप?
ईडी ने विनेश चंदेल और आई-पैक के खिलाफ कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं.
- खातों में हेराफेरी : ईडी का आरोप है कि आई-पैक ने प्राप्त धन को जान-बूझकर बैंकिंग माध्यमों (White) और नकद (Black) में बांटने का तरीका अपनाया, ताकि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक सीमा को छिपाया जा सके.
- हवाला और चुनावी खर्च : एजेंसी के मुताबिक, अवैध धन को वैध दिखाने के लिए हवाला माध्यमों का उपयोग किया गया और इस पैसे का इस्तेमाल जनमत को प्रभावित करने और चुनावी खर्चों में किया गया.
- सबूत नष्ट करने का प्रयास : अदालत के आदेश में उल्लेख है कि 8 जनवरी को कोलकाता छापेमारी के बाद चंदेल ने कर्मचारियों को ई-मेल और संवेदनशील डेटा ‘डिलीट’ करने का निर्देश दिया था, ताकि जांच में बाधा डाली जा सके.
कोयला घोटाले और ‘आप’ कनेक्शन से जुड़े तार
यह मामला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है. इसके तार बंगाल के चर्चित कोयला घोटाले से भी जुड़े बताये जा रहे हैं. जांच के सिलसिले में 2 अप्रैल को दिल्ली, बेंगलुरु (ऋषि राज सिंह के ठिकाने) और मुंबई में ‘आप’ के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर के परिसर पर भी छापेमारी हो चुकी है. एनएलआईयू (NLIU) से विधि स्नातक चंदेल की आई-पैक में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है. वे कंपनी के मुख्य रणनीतिकार माने जाते हैं.
इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का खेल!
इसे भी पढ़ें : विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल की इन 294 सीटों पर होगी वोटिंग, एक-एक सीट का नाम यहां देखें
अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी ने किया कड़ा विरोध
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इसे चुनावी माहौल पर प्रहार बताया. उन्होंने कहा कि चुनाव से महज 10 दिन पहले ऐसी कार्रवाई निष्पक्षता पर सवाल उठाती है. इससे पहले 8 जनवरी को कोलकाता में हुई ईडी की छापेमारी के बीच बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी खुद वहां पहुंच गयीं थीं. ईडी ने उन पर ‘काम में बाधा’ डालने और जबरन सबूत ले जाने के आरोप लगाये थे.
I-PAC Director Vinesh Chandel ED Custody: वकीलों की दलील- राजनीति से प्रेरित है कार्रवाई
चंदेल के वकील विकास पहवा ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को ईसीआईआर (ECIR) की कोई जानकारी नहीं दी गयी. उन्होंने इसे तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनावों के मद्देनजर पूरी तरह ‘राजनीति से प्रेरित’ कार्रवाई करार दिया. पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान है. ऐसे में विनेश चंदेल की 10 दिनों की रिमांड आई-पैक के चुनावी मैनेजमेंट और उससे जुड़े दलों (TMC और DMK) के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.
