रेड रोड पर हनुमान चालीसा पाठ की अनुमति नहीं

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने महानगर के प्रतिष्ठित रेड रोड पर ‘हनुमान चालीसा’ पाठ कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और आवेदक को कार्यक्रम के लिए कोई अन्य स्थान चुनने के लिए कहा.

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने महानगर के प्रतिष्ठित रेड रोड पर ””हनुमान चालीसा”” पाठ कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और आवेदक को कार्यक्रम के लिए कोई अन्य स्थान चुनने के लिए कहा. हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम व न्यायमूर्ति चैताली चटर्जी (दास) की खंडपीठ ने आवेदक को वैकल्पिक स्थान के रूप में शहीद मीनार या रानी रासमणि रोड पर कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया. हिंदू सेवा दल ने अदालत का रुख करके दावा किया था कि पुलिस ने वैकल्पिक स्थान की पेशकश की है, इसलिए संस्था ने 12 अप्रैल को रेड रोड पर ही पाठ करने की अनुमति देने की मांग की थी. शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने आवेदक को रेड रोड के अलावा कोई अन्य स्थान चुनने को कहा. इससे पहले, पुलिस ने प्रस्तावित स्थान पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इससे यातायात जाम हो जायेगा.

एकल पीठ ने भी खारिज कर दी थी याचिका

इसे लेकर संस्था ने पहले कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश तीर्थंकर घोष की एकल पीठ में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद याचिकाकर्ता ने न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी. खंडपीठ ने शुक्रवार को एकल पीठ के फैसले को चुनौती देने वाली अपील को भी खारिज कर दिया. याचिकाकर्ता ने कोलकाता पुलिस से 12 अप्रैल को सुबह पांच बजे से पूर्वाह्न 11 बजे के बीच रेड रोड पर पाठ आयोजित करने की अनुमति मांगी थी और 3,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद जतायी थी. याचिकाकर्ता ने कहा कि पुलिस ने यातायात जाम, आम जनता को होने वाली असुविधा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए एक वैकल्पिक स्थल की पेशकश की है. जब अदालत ने पूछा कि क्या याचिकाकर्ता ने पहले भी इस स्थल पर कोई कार्यक्रम आयोजित किया है, तो याचिकाकर्ता के वकील ने जवाब दिया कि पहली बार कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनायी गयी है. उन्होंने कहा कि 12 अप्रैल का दिन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन भगवान हनुमान की जयंती भी है. राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने दलीलों का विरोध किया और कहा कि याचिकाकर्ता को ऐसा करने का अपना अधिकार साबित करना होगा.

आवेदक की दलील : जब रेड रोड पर हो सकती है ईद की नमाज, पूजा कार्निवल, तो हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं?

आवेदक ने दावा किया कि 31 मार्च को एक अन्य समुदाय को पुलिस की अनुमति से उसी स्थान पर ईद की नमाज अदा करने की अनुमति दी गयी थी. याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम दुर्गापूजा कार्निवल हर साल रेड रोड पर आयोजित किया जाता है. यह भी कहा गया कि जिस भूमि पर कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव है, वह सेना की है और 12 अप्रैल को ””हनुमान चालीसा”” पाठ आयोजित करने के लिए सेना के अधिकारियों से अनुमति पहले ही प्राप्त कर ली गयी है.

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By Akhilesh kumar singh

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