अवैध कोटे से प्रवेश के विरुद्ध सरकार ने नहीं की कार्रवाई

इडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के एक निजी कॉलेज की 6.42 करोड़ रुपये की सावधि जमा को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है.

इडी ने कहा- बंगाल के एक निजी कॉलेज की 6.42 करोड़ रुपये की सावधि जमा को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया

कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने सोमवार को कहा कि विदेश मंत्रालय की ओर से ‘धोखाधड़ी की स्पष्ट जानकारी’ प्रदान किये जाने के बावजूद अनिवासी भारतीय (एनआरआइ) कोटे के तहत कुछ निजी चिकित्सा कॉलेजों में अयोग्य अभ्यर्थियों के प्रवेश के खिलाफ पश्चिम बंगाल और ओडिशा की सरकारों ने कोई कार्रवाई नहीं की. संघीय जांच एजेंसी ने कहा कि उसने इस मामले में अतीत में तलाशी के दौरान ‘आपत्तिजनक’ सबूत जब्त किये हैं. इडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के एक निजी कॉलेज की 6.42 करोड़ रुपये की सावधि जमा को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है. इसने पहले इन कथित अनियमितताओं में शामिल कुछ कॉलेजों और व्यक्तियों की 12.33 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. इडी के मुताबिक, जांच में पाया गया कि इन राज्यों में एमबीबीएस, एमडी और एमएस पाठ्यक्रम प्रदान करनेवाले कुछ निजी चिकित्सा कॉलेजों के प्रबंधन ने अभ्यर्थियों के लिए ‘फर्जी’ कागजात बनाने के लिए एजेंटों के साथ मिलीभगत की जैसे कि एनआरआइ संबंधी दूतावास के दस्तावेज और परिवार का ब्योरा.

‘ये निजी चिकित्सा कॉलेज फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए एजेंटों को पैसे दे रहे थे. एजेंटों ने पैसे देकर किसी अन्य एनआरआइ से संपर्क किया और उनके प्रमाण-पत्र प्राप्त किये और इनका इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया. इसके बाद जाली दस्तावेजों के आधार पर इन एनआरआई को छात्रों के प्रायोजक के रूप में पेश किया.’

एजेंसी ने कहा, ‘कुछ मामलों में एजेंटों और मेडिकल कॉलेजों ने दो से तीन अलग-अलग और एक-दूसरे असंबंधित अभ्यर्थियों के लिए एक ही तरह के एनआरआइ प्रायोजक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया.’ इडी ने कहा कि इस अवैध कृत्य के बदले बहुत अधिक राशि का भुगतान कमीशन के रूप में किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ganesh mahto

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >