धोखाधड़ी. दिल्ली में पेइंग गेस्ट के तौर पर बुक करा रहा था कमरा
लालबाजार के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज होने पर भुवनेश्वर से दबोचा गया शातिर
संवाददाता, कोलकातापूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा का बेटा अब साइबर ठगी का शिकार हुआ है. साइबर ठगों के झांसे में पड़कर पीड़ित पीयूष वर्मा ने 30 हजार रुपये गंवा दिये. वह दिल्ली में पेइंग गेस्ट के तौर पर घर बुक करते समय ठगी का शिकार हुआ.
इस घटना की शिकायत लालबाजार के साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराने के बाद पुलिस ने घटना की जांच करते हुए ओडिशा के भुवनेश्वर से एक कॉलेज स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है. आरोपी युवक का नाम राकेश प्रधान बताया गया है.कैसे हुई ठगी : पुलिस सूत्र बताते हैं कि शिकायत दर्ज कराने वाले पीयूष वर्मा ने बताया कि वह इंटरनेट में पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने के लिए दिल्ली में घर ढूंढ़ रहा था, तभी उन्हें एक वेबसाइट मिली. उक्त वेबसाइट पर जाने के बाद उन्हें दिल्ली में कई जगहों पर घर दिखाये गये, जिनमें उन्हें पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने का ऑफर दिया गया. पीड़ित पीयूष वर्मा ने शिकायत में बताया कि उनमें से एक जगह उन्हें पसंद आयी.
उन्होंने उस वेबसाइट के अधिकारियों से संपर्क किया. उन्हें बताया गया कि वे वहां तभी रह सकते हैं, जब वे ऑनलाइन 30 हजार रुपये एडवांस में पेमेंट करेंगे. पीयूष वर्मा ऐसा करने को राजी हो गये.उन्होंने तुरंत वेबसाइट पर दिये गये बैंक अकाउंट में 30 हजार रुपये पेमेंट कर दिया, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वेबसाइट की तरफ से उन्हें आगे की और कोई जानकारी नहीं मिली. फिर उन्होंने वेबसाइट पर दिये गये मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.
पुलिस की जांच में ओडिशा के कॉलेज के एक छात्र का नाम सामने आया
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पीड़ित पीयूष वर्मा की शिकायत के बाद लालबाजार के साइबर क्राइम थाने के अधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू की. पुलिस को पता चला कि पीयूष के बैंक अकाउंट से 30 हजार रुपये जिस अकाउंट में ट्रांसफर किये गये थे, वह ओडिशा के भुवनेश्वर में कॉलेज स्टूडेंट के हैं. इसकी जानकारी मिलने के बाद लालबाजार से एक टीम भुवनेश्वर के लिए रवाना हुई. वहां से कॉलेज छात्र राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी को इसके पहले भी ऐसे ही एक मामले में कोलकाता लाया गया था. पुलिस ने कहा कि घटना में राकेश की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. राकेश से अलग-अलग चरणों में पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह तक पुलिस पहुंच सके.
