संवाददाता, कोलकाता
तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव आयोग के रवैये पर गंभीर सवाल उठाये हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की परंपरा रही गरिमा और शिष्टाचार आज की भाजपा राजनीति में दिखाई नहीं देता. तृणमूल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आचरण पर भी टिप्पणी की. पार्टी की ओर से अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया गया कि तीन बार की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निर्वाचन आयोग के मुख्यालय पहुंचीं, तब उनके समक्ष बुनियादी शिष्टाचार का आचरण भी नहीं किया गया. मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त को छह पत्र लिखे, लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला. साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा उठाये गये सवालों का भी कोई प्रत्युत्तर नहीं दिया गया. तृणमूल का कहना है कि इस तरह का रवैया संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है और जवाबदेही के सिद्धांतों के विपरीत है. तृणमूल ने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संस्थान से निष्पक्षता, संवाद और पारदर्शिता की अपेक्षा की जाती है. हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.सीइसी पर शिष्टाचार और जवाबदेही को लेकर तृणमूल ने उठाये सवाल
तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव आयोग के रवैये पर गंभीर सवाल उठाये हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की परंपरा रही गरिमा और शिष्टाचार आज की भाजपा राजनीति में दिखाई नहीं देता.
