बीएसएनएल के पूर्व कैशियर को सात साल का कारावास

धोखाधड़ी में सजा

धोखाधड़ी में सजा

कोलकाता. सीबीआइ की विशेष अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में बीएसएनएल के पूर्व कार्यालय सहायक सह कैशियर चंदन विश्वास को सात साल कारावास के साथ 55 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी है. सीबीआइ की ओर से बुधवार को यह जानकारी दी गयी.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने दो नवंबर, 2004 को विश्वास व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी. चंदन विश्वास ने वर्ष 1999 से 2001 के अंतराल में बीएसएनएल (कोलकाता) में कार्यालय सहायक व कैशियर के रूप में कार्यरत रहते हुए अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर बीएसएनएल के साथ धोखाधड़ी करने के लिए षड्यंत्र रचा. उसने ग्रुप डी कर्मचारियों के नाम पर जीपीएफ अग्रिम एवं निकासी के लिए फर्जी कार्यालय आदेश तैयार किये व धोखाधड़ी कर करीब 23,19,705 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर लिए. इससे बीएसएनएल को वित्तीय हानि हुई. जांच पूर्ण होने के पश्चात जांच एजेंसी ने विश्वास के विरुद्ध 14 सितंबर, 2006 को सीबीआइ के स्पेशल कोर्ट में आरोप पत्र दायर किया.

अदालत ने सुनवाई के बाद विश्वास को दोषी करार दिया और उसकी सजा मुकर्रर कर दी.

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