बंगाल के राज्यपाल से दिवंगत भाजपा नेता के पिता ने लगायी फरियाद, सीबीआई जांच की मांग की

Bengal news, Kolkata news : बीपेजी नेता मनीष शुक्ला हत्या मामले को लेकर दिवंगत मनीष के पिता डाॅ चंद्रमणि शुक्ला ने सोमवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की. इस दौरान राज्यपाल से मनीष हत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. राज्यपाल से इस मुलाकात में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह, सांसद लॉकेट चटर्जी एवं विधायक सव्यसाची दत्ता भी उपस्थित थे.

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 5, 2020 9:12 PM

Bengal news, Kolkata news : कोलकाता : बीपेजी नेता मनीष शुक्ला हत्या मामले को लेकर दिवंगत मनीष के पिता डाॅ चंद्रमणि शुक्ला ने सोमवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की. इस दौरान राज्यपाल से मनीष हत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. राज्यपाल से इस मुलाकात में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह, सांसद लॉकेट चटर्जी एवं विधायक सव्यसाची दत्ता भी उपस्थित थे.

दिवंगत मनीष शुक्ला के पिता डॉ चंद्रमणि शुक्ला ने बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मेरा 39 वर्ष पुत्र पेश से वकील था. वह सामाजिक कार्यकर्ता भी था. मात्र 5 मिनट में ही उसकी हत्या हो गयी है. यह बिना पूर्व योजना के संभव नहीं था. उसका इंतजार किया गया, ताकि उसकी हत्या की जा सके. उसके शरीर से 19 गोली निकली थी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से मतभेद हो सकता है. राजनीतिक रूप से उसे खड़ा नहीं होने दें, लेकिन उसकी जान ही ले ली जायेगी. इस राज्य में कानून का शासन नहीं है.

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बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि यह हत्या पुलिस एवं तृणमूल गुंडा के ज्वाइंट ऑपरेशन का नतीजा है. 9 एमएम कार्बाइन से हत्या की गयी है. थाने के सामने हत्या हुई है. पुलिस की जांच पर विश्वास नहीं है. उन्होंने कहा कि टीएमसी (TMC) हत्या की राजनीति कर रही है. भाजपा के कार्यकर्ताओं व नेताओं को फंसाने की कोशिश ममता जो कर रही हैं. करने दीजिए. समय कम है. बैरकपुर की धरती मंगल पांडेय की धरती है. सही समय में सही जवाब देगी.

उन्होंने कहा कि आधा घंटे के पहले वह कोना एक्सप्रेस श्री विजयवर्गीय के साथ मिलने चले गये. वैसे प्राय: प्रत्येक दिन वह उस जगह पर मिलते थे. यदि मैं जाता, तो उसकी अकेले मौत नहीं होती. उन्होंने कहा कि जिस रास्ता ममता बनर्जी चली हैं. तृणमूल को उसी रास्ते पर चलना होगा. बैरकपुर में राजनीतिक लड़ाई हार गयी हैं. इन्हीं कार्यकर्ताओं के बल पर मैंने लड़ाई जीती थी, लेकिन उन्होंने व्यक्ति लड़ाई और हत्या की लड़ाई शुरू की है. निश्चित रूप से मंगल पांडेय की धरती खून में बहेगा और हम भी चुप नहीं रहेंगे.

Posted By : Samir Ranjan.

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