खास बातें
दुर्गापुर से निमाई दास की रिपोर्ट
Durgapur Court Political Tension: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर का सब-डिवीजनल कोर्ट परिसर गुरुवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ब्लॉक अध्यक्ष राजीव घोष को पुलिस पेशी के लिए लेकर पहुंची. कोर्ट गेट पर पहले से मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राजीव घोष को देखते ही अपना आक्रोश व्यक्त करना शुरू कर दिया.
सुरक्षा के लिए बुलानी पड़ी सेंट्रल फोर्स
गुस्साये प्रदर्शनकारियों ने न केवल ‘चोर-चोर’ के नारे लगाये, बल्कि राजीव घोष की तरफ जूते दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गयी कि पुलिस को भीड़ को संभालने में पसीने छूट गये. सुरक्षा के लिहाज से सेंट्रल फोर्स की अतिरिक्त टुकड़ी को वहां तैनात करना पड़ा.
राजीव घोष पर आरोपों की है लंबी फेहरिस्त
राजीव घोष की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश के पीछे भ्रष्टाचार और आतंक के गंभीर आरोप बताये जा रहे हैं. बीजेपी का आरोप है कि राजीव घोष लंबे समय से दुर्गापुर और आसपास के इलाकों में मारपीट, बमबाजी और राजनीतिक जुल्म के पर्याय बने हुए थे.
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जबरन वसूली और भ्रष्टाचार
स्थानीय कारोबारियों और आम लोगों से जबरन वसूली और सिंडिकेट चलाने के आरोपों ने उनकी छवि को धूमिल किया है. जिला बीजेपी प्रवक्ता सुमंत मंडल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राजीव ने भ्रष्टाचार के जरिये करोड़ों की संपत्ति बनायी और सत्ता के रसूख का इस्तेमाल कर आम जनता को डराया-धमकाया.
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कोर्ट परिसर में चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
जैसे ही पुलिस की गाड़ी कोर्ट परिसर में दाखिल हुई, प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स की ओर दौड़ पड़े. हाथों में पार्टी का झंडा और पैर से निकाले हुए जूते लेकर प्रदर्शनकारी राजीव घोष के खिलाफ चिल्ला रहे थे. उनका कहना था कि ‘जनता का पैसा लूटने वालों की जगह जेल में’ है.
सुरक्षा का कड़ा घेरा, मची अफरा-तफरी
हालात बिगड़ता देख राज्य पुलिस के साथ तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) ने तुरंत मोर्चा संभाला. राजीव घोष को सुरक्षित कोर्ट रूम तक ले जाने के लिए पुलिस को मानव शृंखला (Human Chain) बनानी पड़ी. अचानक हुए इस हंगामे के कारण कोर्ट परिसर में मौजूद आम लोग और वकील भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आये.
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Durgapur Court Political Tension: बीजेपी का हमला- यह तो बस शुरुआत है
बीजेपी नेता सुमंत मंडल ने कहा कि राजीव घोष की गिरफ्तारी जनता की जीत है. उन्होंने दावा किया कि दुर्गापुर की जनता अब चुप नहीं बैठने वाली है. भ्रष्टाचार में लिप्त हर नेता को इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ेगा. दूसरी ओर, टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व ने इस घटना को बीजेपी की ‘ओछी राजनीति’ करार दिया है. पार्टी ने कहा है कि कानून निष्पक्ष जांच करेगा.
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