आशाकर्मियों का स्वास्थ्य भवन के सामने प्रदर्शन, पुलिस से झड़प, तोड़े बैरिकेड
सॉल्टलेक स्थित पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन के बाहर बुधवार को सैकड़ों आशाकर्मियों ने न्यूनतम मासिक वेतन और बीमा राशि में वृद्धि समेत आठ विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई.
कोलकाता
. सॉल्टलेक स्थित पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन के बाहर बुधवार को सैकड़ों आशाकर्मियों ने न्यूनतम मासिक वेतन और बीमा राशि में वृद्धि समेत आठ विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई. आशा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ दिये और अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया. दोपहर के आसपास वाहनों की आवाजाही भी कुछ समय के लिए बाधित हो गयी थी, क्योंकि बड़ी संख्या में आशाकर्मियां स्वास्थ्य भवन की ओर रैली कर पहुंची थीं. जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने जब स्वास्थ्य भवन की इमारत में प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए बैरिकेड तोड़ दिये, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. हालांकि पुलिस ने उन्हें परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए मुख्य द्वार को बंद कर दिया था. आशाकर्मी स्वास्थ्य भवन के मुख्य द्वार के बाहर ही धरने पर बैठ गयीं. उनकी मांगों में न्यूनतम 15 हजार रुपये का मासिक मानदेय और ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर शामिल है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगी. उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के लिए कम से कम 10 से 15 प्रतिनिधियों को मिलने की अनुमति दी जाये, लेकिन अनुमति नहीं मिली.उनका कहना है कि उनके कंधों पर बहुत ज्यादा जिम्मेदारियां हैं, लेकिन वेतन बहुत कम है. आशाकर्मियों का दावा है कि अभी उन्हें इंसेंटिव मिला कर हर महीने अधिकतम 5,250 रुपये ही मिल रहा है. लेकिन, काम का बोझ कई गुना बढ़ गया है, इसलिए कम से कम 15 हजार महीने की सैलरी जरूरी है. इसके अलावा, प्रदर्शनकारी हेल्थ इंश्योरेंस, मैटरनिटी लीव और मौत पर मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं.
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