मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा को ईडी हिरासत में भेजा जायेगा या नहीं, फैसला आज

कपड़ा मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा को अपनी हिरासत में लेने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यहां विचार भवन स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत में आवेदन किया है.

संवाददाता, कोलकाता

राज्य के प्राथमिक स्कूलों में हुईं नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के मामले में राज्य के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम और कपड़ा मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा को अपनी हिरासत में लेने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यहां विचार भवन स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत में आवेदन किया है. शनिवार को मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जहां सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रखा था. मंगलवार को अपराह्न उक्त मामले पर फैसला होने की बात थी, लेकिन इस दिन भी सिन्हा को ईडी को हिरासत में भेजे जाने या नहीं भेजे जाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ. खराब मौसम और जलजमाव के कारण जनजीवन प्रभावित होने के कारण वकीलों ने इस दिन विचार भवन में किसी भी मामले की सुनवाई में शामिल नहीं होने का फैसला किया. इसलिए न्यायाधीश कोर्ट रूम में नहीं बैठे. सूत्रों के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई बुधवार यानी आज है. संभावना है कि इस दिन उक्त मामले पर अदालत अहम फैसला सुना सकता है.

प्राथमिक स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले में सिन्हा का नाम आने के बाद से ही ईडी ने उनपर शिकंजा कस दिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा पहले ही सिन्हा के खिलाफ मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल भी की जा चुकी है. इसके बाद बीते छह सितंबर को सिन्हा ने ईडी की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया था. उस समय हुई सुनवाई के दौरान ईडी ने सिन्हा को सात दिनों को अपनी हिरासत में भेजे जाने की अपील की थी. हालांकि, अदालत से मंत्री को जमानत मिल गयी. गत शनिवार को मामले की फिर सुनवाई हुई, इस बार भी केंद्रीय जांच एजेंसी ने मंत्री को हिरासत में भेजे जाने का आवेदन किया. ईडी की ओर से कहा गया था कि गत वर्ष बोलपुर स्थित सिन्हा के घर पर छापेमारी में करीब 41 लाख रुपये नकद व कुछ दस्तावेज जब्त किये गये थे. उस समय उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था. यदि मंत्री को तुरंत पकड़ा जाता, तो उनके बड़े नेटवर्क से जुड़े लोग सतर्क हो जाते. अब जबकि सारे जरूरी सबूत जुटा लिये गये हैं, इसलिए पूछताछ के लिए उन्हें ईडी की हिरासत में भेजा जाना जरूरी है. इधर, सिन्हा के वकील ने ईडी की मांग का कड़ा विरोध किया. उनका तर्क था कि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है,

ऐसे में सिन्हा को ईडी की हिरासत में भेजे जाने की कोई आवश्यकता नहीं है. पुराने मामलों की जांच के नाम पर मंत्री को हिरासत में लेना न्यायसंगत नहीं होगा. शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद विशेष ईडी अदालत के न्यायाधीश शुभेंदु साहा ने फैसला सुरक्षित रखते हुई, मामले की अगली सुनवाई की तारीख मंगलवार को मुकर्रर की थी.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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