दक्षिण हावड़ा विधानसभा : SIR में कट गये 59509 वोटर के नाम, TMC या BJP किसका बिगड़ेगा खेल?

Dakshin Howrah Vidhan Sabha: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में दक्षिण हावड़ा विधानसभा क्षेत्र के करीब 60 हजार मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिये गये हैं. इसका असर किस पार्टी पर पड़ेगा- टीएमसी या बीजेपी? किसका होगा खेल खत्म? क्या कहती हैं पार्टियां?

Dakshin Howrah Vidhan Sabha: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है. अभी भी लगभग 60 हजार मतदाताओं के नाम ‘विचाराधीन’ श्रेणी में हैं. एसआईआर प्रक्रिया में राज्यभर में 63,66,952 मतदाताओं के नाम सूची से हटाये गये हैं. हावड़ा जिले के 16 विधानसभा क्षेत्रों में भी वोटर के नाम कटे हैं. आज बात करते हैं दक्षिण हावड़ा विधानसभा क्षेत्र की.

दक्षिण हावड़ा में दिख रहा SIR का खासा प्रभाव

दक्षिण हावड़ा विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर का खासा प्रभाव देखने को मिला है. वर्ष 2021 की मतदाता सूची की तुलना में इस विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर प्रक्रिया के बाद 59,509 मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं. इनमें करीब 35 हजार मतदाता अल्पसंख्यक समुदाय से बताये जा रहे हैं. एक ही विधानसभा क्षेत्र से इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने से आगामी चुनावी नतीजों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि वैध मतदाताओं के नाम हटा दिये गये हैं, जबकि भाजपा इस आरोप को सीधे तौर पर खारिज कर रही है.

Dakshin Howrah Vidhan Sabha: 3.10 लाख से घटकर 2.50 लाख हुए वोटर

वर्ष 2021 में दक्षिण हावड़ा विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,10,000 मतदाता थे. एसआईआर के बाद प्रकाशित अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 2,50,491 हो गयी. इसके अलावा 25,117 मतदाताओं को ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है. 440 मतदाताओं के नाम अलग से डिलीट किये गये हैं.

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कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बाद भी जीतीं TMC की नंदिनी

वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दक्षिण हावड़ा सीट काफी चर्चा में रही थी. चुनावी मैदान में पहली बार उतरने वाली नंदिता चौधरी को तृणमूल कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया था. नंदिता, दिवंगत विधायक और सांसद अंबिका बनर्जी की बेटी हैं. पार्टी के इस फैसले से दक्षिण हावड़ा में तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी देखी गयी थी. पार्टी के इस फैसले का खुलकर विरोध भी हुआ था. इसके बाद भी ममता बनर्जी के फैसले में कोई बदलाव नहीं हुआ.

SIR की प्रकिया के तहत 35 हजार से अधिक अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाये गये हैं. SIR के नाम पर लोगों को परेशान किया गया. इससे भाजपा को फायदा नहीं होगा. यहां से तृणमूल कांग्रेस ही जीत का परचम लहरायेगी और कमल फूल नहीं खिलेगा.

गुड्डू खान, तृणमूल कांग्रेस

एसआईआर प्रकिया में 59,509 मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं. हजारों मतदाता विचाराधीन की श्रेणी में हैं. पिछले चुनाव में धांधली के अलावा कुछ भी नहीं हुआ था. फर्जी वोट से ही तृणमूल कांग्रेस यहां जीतती रही है, लेकिन इस बार नहीं होगा. भाजपा का इस सीट से जीतना तय है.

सुभाष झा, भाजपा

आसानी से जीत गयीं थीं टीएमसी की नंदिता चौधरी

चुनाव में टीएमसी की नंदिता चौधरी को 1,16,839 वोट मिले. भाजपा उम्मीदवार रंतिदेव सेनगुप्ता को 66,270 वोट मिले. नंदिता चौधरी ने आसानी से जीत दर्ज की. भाजपा उम्मीदवार को लगभग 31 प्रतिशत और नंदिता चौधरी को करीब 54 प्रतिशत वोट मिले थे.

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By Mithilesh Jha

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