शुभेंदु को लेकर अदालत का निर्देश स्वागतयोग्य : अरूप

श्री चक्रवर्ती ने कहा कि सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने के लिए उकसावा देने के आरोपों से लेकर काफिले की गाड़ी से हुई मौत जैसे मामलों में कार्रवाई नहीं हो पा रही थी.

शुभेंदु अधिकारी को मिला रक्षाकवच वापस कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि “अनिश्चितकाल तक अदालत द्वारा किसी को रक्षाकवच नहीं मिल सकता. कानून सबके लिए समान है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं. यह एक बार फिर साबित हो गया.” प्रवक्ता ने कहा कि अदालत के ताजा आदेश से सिद्ध हो गया है कि अब तक विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी कानूनी रूप से एकतरफा अतिरिक्त सुरक्षा पा रहे थे, जिसकी वजह से उनके खिलाफ पुलिस एफआइआर भी दर्ज नहीं कर पा रही थी. श्री चक्रवर्ती ने कहा कि सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने के लिए उकसावा देने के आरोपों से लेकर काफिले की गाड़ी से हुई मौत जैसे मामलों में कार्रवाई नहीं हो पा रही थी. अब अदालत के आदेश से स्पष्ट हो गया है कि कानून का समान अनुप्रयोग ही न्याय का मूल सिद्धांत है. शुक्रवार को न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की पीठ ने 2022 में न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की ओर से दी गयी अंतरिम राहत के आदेश को वापस ले लिया. अंतरिम राहत को वापस लेने के साथ अदालत ने राज्य सरकार और सीबीआइ को मिलकर चार मामलों की जांच के लिए एसआइटी गठित करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा विपक्ष के नेता के खिलाफ राज्यभर में 15 मामलों में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का भी आदेश दिया है. नये आदेश के बाद अब अधिकारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के लिए राज्य पुलिस को अदालत की अनुमति लेने की बाध्यता नहीं रहेगी. उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2022 में न्यायमूर्ति मंथा की पीठ ने अधिकारी को अंतरिम राहत दी थी और राज्य पुलिस द्वारा दर्ज 26 एफआइआर पर रोक लगायी थी. साथ ही यह भी निर्देश था कि उनके खिलाफ कोई भी नयी एफआइआर दर्ज करने से पहले अदालत की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी. राज्य सरकार ने हाल में इस रक्षाकवच को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था. सुनवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार को हाइकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >