हुगली.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को हुगली जिले के सिंगूर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में डबल इंजन की नहीं, बल्कि जनता की सरकार है और यही सरकार अपने दम पर राज्य का विकास कर रही है. घाटाल मास्टर प्लान के उद्घाटन के बाद आयोजित इस सभा में उन्होंने कहा कि जब तक वह सत्ता में हैं, तब तक राज्य केंद्र सरकार के भरोसे नहीं रहेगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में कृषि और उद्योग दोनों साथ-साथ फले-फूलेंगे और कोई भी एक-दूसरे का अतिक्रमण नहीं करेगा. उन्होंने सिंगूर में कृषि और उद्योग के संतुलन को लेकर अपने रुख को दोहराया. उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया जनसभा के करीब 10 दिन बाद आया है.ममता बनर्जी ने टाटा मोटर्स की नैनो कार फैक्टरी के लिए अधिकृत और अब परित्यक्त भूमि और आसपास के क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं की घोषणा करते हुए दावा किया कि इनसे हजारों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे. उन्होंने बताया कि सिंगूर में आठ एकड़ भूमि पर एक कृषि-औद्योगिक पार्क बनाया गया है. इसके साथ ही एक निजी औद्योगिक पार्क भी शुरू किया गया है, जहां अमेजन और फ्लिपकार्ट के गोदाम स्थापित होंगे, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा.
सिंगूर में ममता ने किया था 26 दिनों तक अनशन : मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगूर उनकी पसंदीदा जगह है और उन्होंने वर्ष 2006 से 2008 के बीच यहां कई दिन बिताये थे. उन्होंने याद करते हुए कहा कि जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उन्होंने यहां लगातार 26 दिनों तक अनशन किया था.प्रभावित किसानों को मिल रहा मासिक मुआवजा
मुख्यमंत्री ने परोक्ष रूप से भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जुमलों में विश्वास नहीं करतीं, बल्कि वादों को पूरा करने में यकीन रखती हैं. उन्होंने कहा कि सिंगूर में कृषि और उद्योग, दोनों विकसित होंगे. ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि सिंगूर में छोटी कार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित छोटे किसानों को राज्य सरकार की ओर से मासिक मुआवजा मिलता है. इसके अलावा उन्हें खाद्य साथी, स्वास्थ्य साथी सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ीं अन्य योजनाओं का लाभ भी मिलता रहेगा.