कोलकाता.
आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में बंद कमरे में रणनीतिक बैठक की. यह बैठक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के कक्ष में आयोजित की गयी, जिसमें त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बिप्लब कुमार देव भी मौजूद थे. बिप्लब देव को इस वर्ष होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है. विशेष बुलावे पर वह विधानसभा पहुंचे थे. एक भाजपा विधायक ने बताया कि लगभग 50 मिनट चली इस बैठक में करीब 60 विधायक शामिल हुए. विधायकों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान तेज करने और 24 घंटे जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का आह्वान किया गया. बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि किस तरह तृणमूल कांग्रेस सरकार भाजपा विधायकों को उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं करने दे रही है. एक भाजपा विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पार्टी की आंतरिक रिपोर्टों में तृणमूल कांग्रेस के जनाधार में भारी गिरावट की बात सामने आयी है. विधायकों को भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और एसआइआर के विरोध की आड़ में राज्य में अराजकता फैलाने जैसे मुद्दों को जनता के सामने रखने को कहा गया. उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में विधायकों को इस बात के प्रति लोगों को जागरूक करने की सलाह दी गयी कि किस तरह सत्तारूढ़ दल द्वारा निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को डराने-धमकाने के प्रयास किये जा रहे हैं. बैठक के दौरान बिप्लब देव ने विधायकों और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से राज्य की राजनीतिक स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि उन्हें बंगाल की जिम्मेदारी एक निर्णायक मोड़ पर सौंपी गयी है और वह इससे पहले मिली किसी भी जिम्मेदारी में असफल नहीं रहे हैं. देव ने विधायकों से कहा कि उनके समर्पण और सहयोग से ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा इवीएम में प्रतिबिंबित होगा. बैठक के विवरण पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य की स्थिति और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई है. चुनाव आयोग पर सीएम की टिप्पणी निंदनीय : बिप्लबबिप्लब देव ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा देश के चुनाव आयुक्त पर की गयी टिप्पणी पर नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए इस तरह की बयानबाजी निंदनीय और असंवैधानिक है. देव ने कहा कि चुनाव आयुक्त के खिलाफ जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, उन्हें वह दोहरा भी नहीं सकते.
