प्रधानमंत्री मोदी अपने गृह मंत्री शाह को जरा नियंत्रित करें : ममता बनर्जी

कोयला तस्करी से जुड़े एक मामले में गुरुवार को राजनीतिक रणनीतिक संस्था आइ-पैक के कार्यालय और उसके पदाधिकारी प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला.

कोलकाता.

कोयला तस्करी से जुड़े एक मामले में गुरुवार को राजनीतिक रणनीतिक संस्था आइ-पैक के कार्यालय और उसके पदाधिकारी प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला. लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के घर और बाद में सॉल्टलेक स्थित आइ-पैक कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा : पीएम मोदी, कृपया अपने गृह मंत्री अमित शाह को जरा नियंत्रित करें.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ईडी ने तृणमूल के आइटी सेक्टर को जान-बूझकर निशाना बनाया है, ताकि पार्टी की चुनावी रणनीति, उम्मीदवार सूची और गोपनीय दस्तावेज अपने कब्जे में लिये जा सकें. उन्होंने कहा कि ईडी ने पार्टी के आइटी कार्यालय और आइटी इंचार्ज के घर पर छापेमारी कर हार्ड डिस्क, रणनीतिक दस्तावेज और महत्वपूर्ण डेटा जब्त करने की कोशिश की. ममता ने सवाल उठाया कि उम्मीदवारों की सूची और पार्टी की रणनीति क्या ईडी का विषय है? उन्होंने श्री शाह पर सीधा हमला करते हुए कहा : जो गृह मंत्री देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं, वह अब हमारी पार्टी के दस्तावेज छीनने की कोशिश कर रहे हैं. अगर मैं भाजपा के पार्टी कार्यालय में इसी तरह की कार्रवाई करूं, तो क्या होगा?

मुख्यमंत्री ने एसआइआर प्रक्रिया का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि केवल वाट्सएप संदेशों के आधार पर बंगाल के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाये जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों को समन भेजे गये हैं और 54 लाख नाम बिना किसी सत्यापन के हटा दिये गये. चुनाव सामने होने के कारण उनकी पार्टी के सभी दस्तावेज जब्त करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रतीक जैन पार्टी के आइटी इंचार्ज हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया. मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने खुद प्रतीक जैन को फोन किया और दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए मौके पर पहुंचीं.

इसके बाद मुख्यमंत्री सॉल्टलेक स्थित आइ-पैक कार्यालय पहुंचीं और वहां भी मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि सुबह करीब छह बजे छापेमारी शुरू हुई, जब कार्यालय में लगभग कोई मौजूद नहीं था. फॉरेंसिक टीम की मदद से पूरे कार्यालय का डाटा ट्रांसफर किया गया, जो एक अपराध है. इस समय चुनावी काम और लोगों की मदद से जुड़ा एसआइआर कार्य चल रहा है, जिसका पूरा डाटा उठा लिया गया.

सुश्री बनर्जी ने कहा कि आइ-पैक तृणमूल कांग्रेस की अधिकृत टीम है. कार्यालय की टेबलें खाली कर दी गयीं और यदि कागजात दोबारा तैयार करने पड़े, तो इसमें इतना समय लगेगा कि तब तक चुनाव खत्म हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि तृणमूल एक पंजीकृत राजनीतिक दल है, आयकर देती है और उसके निर्वाचित प्रतिनिधि हैं. अगर ईडी को कोई जानकारी चाहिए थी, तो वह आयकर विभाग से ले सकती थी.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा को कभी नोटिस नहीं भेजे जाते, लेकिन चुनाव आते ही तृणमूल को आयकर नोटिस भेजे जाते हैं. उन्होंने भाजपा को सबसे बड़ा ‘चोरों का दल’ बताया. ममता ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, कवि जय गोस्वामी और अभिनेता देव को भी एसआइआर नोटिस भेजे गये हैं. लॉजिस्टिकल विसंगतियों के नाम पर 54 लाख नाम हटाये गये और फॉर्म-7 व फॉर्म-8 भरने की अनुमति नहीं दी जा रही. उन्होंने कहा कि एक हत्यारे को भी बचाव का मौका मिलता है, लेकिन असली मतदाताओं को नहीं.

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के वाट्सएप निर्देशों पर काम कर रहा है और बिहार के एसआइआर नियम बंगाल में लागू नहीं किये जा रहे. उन्होंने दावा किया कि एसआइआर से जुड़ी प्रक्रिया के कारण अब तक 72 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई गंभीर रूप से बीमार हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिये दस्तावेज और डेटा लूटने की नीति बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने कहा कि यह एक अपराध है और ईडी की फॉरेंसिक टीम के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जायेगी.

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Published by: Bijay kumar

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