लॉ कॉलेजों में दाखिले के लिए बदले नियम

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाये गये कदम

3800 से अधिक छात्रों की मेधा सूची जारी कोलकाता. कलकत्ता यूनिवर्सिटी ने अपने एफिलिएटेड लॉ कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. सीयू प्रशासन ने बीए एलएलबी एडमिशन के लिए पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है और एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम शुरू किया है, ताकि दाखिले में ज्यादा पारदर्शिता बरती जा सके. यह कदम साउथ कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में हुई दुष्कर्म की घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें पहले की दाखिले की प्रक्रिया में की गयीं कई गड़बड़ियां सामने आयीं थीं. अब लॉ कॉलेज में नये दाखिला नियम से प्रथम चरण में 3,800 से ज्यादा उम्मीदवारों की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की गयी. उम्मीदवारों के पास मेरिट लिस्ट में किसी भी गड़बड़ी को चुनौती देने का विकल्प है. हालांकि, इसकी नौबत नहीं आयेगी, क्योंकि अब सभी उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की जा रही है. सीयू के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि पहले, कई लॉ कॉलेज, जिनमें सरकारी मदद पाने वाले कॉलेज भी शामिल हैं, ऑफिशियल मेरिट लिस्ट के बाहर के स्टूडेंट्स को भी एडमिशन दे देते थे. खराब रैंक वाले उम्मीदवार पैसे के बदले सीटें हासिल कर लेते थे. यह बात साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुई घटना के बाद सामने आयी, जब कई छात्रों ने इसके खिलाफ आवाज उठायी. छात्रों ने पेन-एंड-पेपर एंट्रेंस टेस्ट में भी समझौता करने व पैसे और मसल पावर से सिस्टम पर असर डालने के आरोप लगाये थे. बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मशहूर लॉ कोर्स का रिन्यूअल भी अनियमित हो गया था. इन गड़बड़ियों के सामने आने के बाद सीयू ने पूरे सिस्टम को बदलने का फैसला किया. वर्ष 1909 में शुरू हुए इस लॉ कोर्स को 1983 में एक फुल-टाइम विभाग मिला था. अपने इतिहास में पहली बार, पूरी पारदर्शिता बनाये रखने के लिए हाजरा लॉ विभाग को एडमिशन प्रक्रिया से बाहर रखा गया है. गौरतलब है कि पहले, एडमिशन प्रक्रिया सीयू का लॉ विभाग देखता था. अब से, सेंट्रलाइज्ड सिस्टम को राजाबाजार साइंस कॉलेज कैंपस से मॉनिटर किया जायेगा. पहली बार, सीयू ने अपने बीए एलएलबी प्रोग्राम में एडमिशन के लिए कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) शुरु किया है, जिसमें ट्रेडिशनल पेन-एंड-पेपर फॉरमेट की जगह, पारदर्शिता बनाये रखने के लक्ष्य से एक निजी एजेंसी को शामिल किया गया. सीयू की वाइस चांसलर शांता दत्ता दे ने जानकारी दी कि कुल 2,170 सीटों वाले 14 एफिलिएटेड कॉलेजों के लिए पूरा सीट मैट्रिक्स जारी किया गया है. अब कोई भी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा सकता, क्योंकि सब कुछ उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है. इस बार, एडमिशन सिर्फ मेरिट के आधार पर होगा.

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Author: GANESH MAHTO

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