टैटू के निशान की वजह से सीएपीएफ भर्ती के लिए ‘अनफिट’ घोषित व्यक्ति को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका

Calcutta High Court News: कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीएपीएफ के उस कैंडिडेट की याचिका को खारिज कर दिया है, जिसे टैटू के निशान की वजह से सीएपीएफ भर्ती के लिए ‘अनफिट’ घोषित कर दिया गया था. अभ्यर्थी ने इसे कोर्ट में चुनौती दी. कोर्ट ने रिव्यू की अनुमति तो दी, लेकिन बाद में उसकी याचिका यह कहकर खारिज कर दी कि शरीर पर लगे टैटू को हटवाना स्वीकार्य नहीं है.

By Mithilesh Jha | January 7, 2026 10:14 PM

Calcutta High Court News: कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में कांस्टेबल की नौकरी के इच्छुक उस व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी, जिसने शरीर के विभिन्न भागों पर टैटू के निशान होने के कारण उम्मीदवारी खारिज किये जाने के फैसले को चुनौती दी थी. अभ्यर्थी ने मेडिकल परीक्षा से पहले वे टैटू हटा दिये थे, लेकिन उनके निशान बाकी थे.

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा- उम्मीदवार को है रिव्यू का अधिकार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि किसी उम्मीदवार के स्वास्थ्य का मूल्यांकन उस स्थिति के आधार पर होना चाहिए, जो विस्तृत मेडिकल जांच वाले दिन थी. जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि अगर मेडिकल जांच में कोई गड़बड़ी हो, तो उम्मीदवार को मेडिकल बोर्ड से दोबारा (रिव्यू) जांच कराने का अधिकार है.

जांच से पहले टैटू हटवाना स्वीकार्य नहीं – कलकत्ता हाईकोर्ट

साथ ही अदालत ने यह भी साफ किया कि खुद को फिट घोषित कराने के लिए विस्तृत मेडिकल जांच के बाद और पुन: जांच से पहले टैटू हटवाना स्वीकार्य नहीं है. इसी आधार पर अदालत ने उम्मीदवार की याचिका खारिज कर दी. अदालत ने बताया कि उम्मीदवार की विस्तृत मेडिकल जांच 3 दिसंबर और फिर से मेडिकल जांच 6 दिसंबर, 2025 को हुई थी.

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Calcutta High Court News: 3 दिसंबर को शरीर पर थे टैटू, 6 दिसंबर को हटाने की हुई कोशिश

जज ने कहा कि रिकॉर्ड से लगता है कि 3 दिसंबर को उम्मीदवार के शरीर पर टैटू थे. उसने 6 दिसंबर को पुन: जांच से पहले उन्हें हटाने की कोशिश की. अदालत ने कहा कि इस तरह का व्यवहार सही नहीं माना जा सकता. यह उम्मीदवार सीएपीएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती की प्रक्रिया में शामिल था. उसे शरीर पर टैटू के निशान होने के कारण मेडिकल रूप से अनफिट घोषित किया गया था.

अभ्यर्थी ने नदिया के अस्पताल में लेजर तकनीक से हटवाये थे टैटू

अभ्यर्थी ने बताया कि उसने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के एक अस्पताल में लेजर तकनीक से टैटू हटवा लिये थे. उम्मीदवार ने अदालत से कहा कि अब टैटू हट चुके हैं, इसलिए उसे रिव्यू मेडिकल जांच में फिट घोषित किया जाना चाहिए. केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि टैटू 6 दिसंबर को हटवाया गया. सरकार के पास इसके सबूत हैं.

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