कोलकाता : पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट मीटिंग करने की सर्शत अनुमति दे दी है. तृणमूल नेता असित मजूमदार ने महेश घाटी से सेरामपुर कोर्ट तक जुलूस निकालने के लिए अदालत में अर्जी दी थी. इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने आदेश दिया कि सेरामपुर में जुलूस के बजाय कालीघाट में तृणमूल सभा आयोजित करे. साथ ही, अदालत ने कई शर्तें भी लगाई हैं.
अदालत ने क्या शर्तें रखीं?
अदालत ने आदेश दिया है कि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए. यदि कोई बैठक आयोजित की जाती है, तो वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह रखी जानी चाहिए. बैठक दोपहर 1 बजे शुरू होगी और दोपहर 3 बजे तक समाप्त हो जानी चाहिए. बैठक में अधिकतम 2,000 लोग शामिल होंगे. एकल पीठ ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि बैठक के दौरान ऐसी कोई टिप्पणी न की जाए, जिससे किसी विशेष समूह को ठेस पहुंचे.
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यह बैठक किस मुद्दे पर है?
तृणमूल कांग्रेस राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों से नाखुश है. उन्होंने इसके विरोध में जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी. जुलूस के लिए आवेदन 11 सितंबर को दाखिल किया गया था. आज अदालत ने इस मामले में जुलूस की जगह बैठक आयोजित करने का आदेश दिया. वकील कल्याण बनर्जी ने कहा- राज्य सरकार ने बार-बार इसका विरोध किया. न्यायाधीश सुन रहे थे. फिर उन्होंने सुझाव दिया कि अगर बैठक आयोजित की जा सकती है, तो मैं सहमत हो गया. बैठक जगन्नाथदेव स्थानपिरिडी मैदान में होगी. हम जुलूस निकालना चाहते थे. ममता बनर्जी इस बारे में बात कर सकती हैं.
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