बुलेट ट्रेन से तीन घंटे में तय हो जायेगी वाराणसी-सिलीगुड़ी की यात्रा

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बंगाल को हाई-स्पीड कॉरिडोर यानी बुलेट ट्रेन की सौगात दी है. बजट पेश होने के बाद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आने वाले दिनों में देश में सात हाइस्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जायेगा.

श्रीकांत शर्मा, कोलकाता

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बंगाल को हाई-स्पीड कॉरिडोर यानी बुलेट ट्रेन की सौगात दी है. बजट पेश होने के बाद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आने वाले दिनों में देश में सात हाइस्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जायेगा. इसमें नॉर्थ इंडिया का दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भी शामिल है. 14 से 15 घंटों में पूरी होने वाली यात्रा अब हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में चलने वाली बुलेट ट्रेनों से मजह तीन से चार घंटों में पूरी हो सकेगी. वाराणसी के यात्री महज 2.55 घंटे में पटना होते हुए सिलीगुड़ी पहुंच सकेंगे. जबकि दिल्ली के यात्री मात्र 3.50 घंटे में वाराणसी पहुंच सकेंगे.रेलमंत्री ने कहा कि वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के कई शहरों को फायदा होगा. इससे बिहार और बंगाल में नये इकॉनोमिक कॉरिडोर विकसित होगा. लोगों का आना जाना बढ़ेगा, हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा नये-नये उद्योग विकसित होंगे.

रेलमंत्री ने कहा कि चार हजार किलोमीटर के इन सातों सात हाइस्पीड रेल कॉरिडोर को बनाने के लिए 16 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. रेलवे सूत्रों के अनुसार, हाइस्पीड रेल कॉरिडोर में चलने वाली ट्रेन की गति 250 किमी प्रति घंटा होगी. माना जा रहा है सिलीगुड़ी में हाइस्पीड ट्रेनें सामरिक दृष्टिकोण से भी काफी अहम होगा. बांग्लादेश में बन रहे भारत विरोधी माहौल और पड़ोसी देश से जुड़े जिलों की सामरिक स्थिति को भांपते हुए युद्ध काल में बुलेट ट्रेनों का रोल अहम हो सकता है.

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