पश्चिम बंगाल से चुने जायेंगे 5 राज्यसभा सदस्य, 16 मार्च को होगी वोटिंग

Rajya Sabha Elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की रणभूमि तैयार हो रही है. तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. एसआईआर पर रूलिंग पार्टी ने इलेक्शन कमीशन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. इस बीच, चुनाव आयोग ने राज्य की 5 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी है. पूरा कार्यक्रम यहां देखें.

Rajya Sabha Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य के 5 राज्यसभा सदस्यों के लिए चुनाव होंगे. ये चुनाव देश के 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव के साथ होंगे. वोटिंग 16 मार्च को होगी. निर्वाचन आयोग ने बुधवार को यह जानकारी दी है.

इन सांसदों की जगह होगा नये सांसदों का चुनाव

  1. साकेत गोखले
  2. रीतब्रत बनर्जी
  3. विकास रंजन भट्टाचार्य
  4. मौसम नूर
  5. सुब्रत बक्शी

5 जनवरी से खाली है मौसम नूर की सीट

पश्चिम बंगाल के 5 सदस्यों का कार्यकाल मार्च में संपन्न हो रहा है. इनमें से एक का कार्यकाल तो जनवरी 2026 में खत्म हो चुका है. यह पद अभी खाली पड़ा है. 2026 में जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनके नाम साकेत गोखले, रीतब्रत बनर्जी, विकास रंजन भट्टाचार्य, मौसम नूर (5 जनवरी 2026 से रिक्त है यह सीट) और सुब्रत बक्शी हैं.

26 फरवरी को जारी होगी चुनाव की अधिसूचना

निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है. इसके मुताबिक, चुनाव की अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की जायेगी. 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किये जायेंगे और 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी. परचा भरने वाले उम्मीदवार 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकेंगे. इसके बाद 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी. इसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी. 20 मार्च तक द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी.

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बंगाल के अलावा इन राज्यों में भी होंगे राज्यसभा के लिए वोटिंग

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के अलावा महाराष्ट्र की 7 सीटों, ओडिशा की 4, तेलंगाना की 2, तमिलनाडु की 6, छत्तीसगढ़ की 2, असम की 3, हरियाणा की 2, हिमाचल प्रदेश की 1, और बिहार की 5 सीटों के लिए चुनाव कराये जायेंगे. ये सीटें 2 अप्रैल और 9 अप्रैल को खाली हो रहीं हैं.

इन दिग्गज सांसदों का खत्म हो रहा है कार्यकाल

आयोग ने बताया है कि परंपरा के मुताबिक, 16 मार्च को मतदान सुबह 9 बजे से शरू होगा और शाम 4 बजे तक सभी वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. उसी दिन शाम 5 बजे से काउंटिंग होगी. शरद पवार, अभिषेक सिंघवी, रामदास अठावले, एम थंबीदुरई और तिरुची शिवा जैसे दिग्गज सांसदों का कार्यकाल 2026 में खत्म हो रहा है.

Rajya Sabha Elections 2026 का पूरा कार्यक्रम

चुनाव के कार्यक्रमतारीख
अधिसूचना जारी करने की तारीख26 फरवरी 2026 (बृहस्पतिवार)
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख5 मार्च 2026 (बृहस्पतिवार)
नामांकन पत्रों की जांच6 मार्च 2026 (शुक्रवार)
नाम वापस लेने की आखिरी तारीख9 मार्च 2026 (सोमवार)
मतदान की तारीख16 मार्च 2026 (सोमवार)
कब से कब तक होगा मतदानसुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक
वोटों की गिनती16 मार्च 2026 (सोमवार) शाम 5 बजे
वोटिंग की प्रक्रिया कब होगी संपन्न20 मार्च 2026 (शुक्रवार)
स्रोत : इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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