बुलेट ट्रेन, दुर्गापुर में औद्योगिक केंद्र व डानकुनी फ्रेट काॅरिडोर की सौगात

पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को केंद्र सरकार से अहम योजनाओं की सौगात मिली है.

आम बजट. चुनावी वर्ष में बंगाल के लिए अहम योजनाओं की घोषणा

संवाददाता, कोलकातापश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को केंद्र सरकार से अहम योजनाओं की सौगात मिली है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में पश्चिम बंगाल के लिए बुनियादी ढांचा, रेल और पर्यटन से संबंधित कई पहल की घोषणा की. फ्रेट कॉरिडोर: बजट में पश्चिम बंगाल के डानकुनी से गुजरात के सूरत तक एक नया समर्पित माल ढुलाई गलियारा विकसित करने का प्रस्ताव है. इससे पूर्वी और पश्चिमी बाजारों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होने की उम्मीद है. दुर्गापुर औद्योगिक केंद्र: वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारा विकसित करेगी, जिसमें पश्चिम बंगाल के प्रमुख विनिर्माण केंद्र दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित औद्योगिक केंद्र होगा. इसे औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जायेगा. इससे शिल्पांचल क्षेत्र में नये उद्योगों की स्थापना हाेगी और राेजगार के अवसर बढ़ेंगे.

‘पूर्वोदय’ योजना: बजट में रोजगार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल सहित पांच ‘पूर्वोदय’ राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया है. इन क्षेत्रों में सतत शहरी परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 4,000 इलेक्ट्रिक बसों का प्रावधान करने की भी बात कही है. पूर्वोदय राज्यों में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश शामिल हैं. हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: रेल संपर्क को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने देशभर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की. इसमें एक प्रस्तावित मार्ग उत्तर प्रदेश के वाराणसी और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी को जोड़ेगा. इस कॉरिडोर से यात्रा के समय में काफी कमी आने और उत्तर बंगाल का देश के बाकी हिस्सों के साथ आर्थिक और रणनीतिक एकीकरण मजबूत होने की उम्मीद है.

फ्रेट कॉरिडोर से अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

रेलमंत्री ने कहा कि बंगाल को नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मिला है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बंगाल से गुजरात को जोड़ने वाला डानकुनी-सूरत ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की. यह ओड़िशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र होते हुए गुजरात के सूरत तक जायेगा. सूरत में जाकर यह कॉरिडोर वेस्टर्न फ्रेड कॉरिडोर से जुड़ जायेगा. 2052 किलोमीटर लंबा ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर बंगाल की अर्थव्यवस्था के लिए काफी लाभप्रद होगा. बंगाल, छत्तीसगढ़ के व्यवसायी अब रेल के माध्यम से सीधे देश के पश्चिमी बंदरगाहों से भी जुड़ जायेंगे. ऐसे में उनके पास पोर्ट का दोहरा विकल्प सामने होगा. कुल मिलाकर इन राज्यों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से आर्थिक विकास तेज होगा. उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और आर्थिक विकास को गति देना है.

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