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Bengal News: बनारहाट (जलपाईगुड़ी): पश्चिम बंगाल में इस समय अंडा फेंकने का चलन बढ़ गया है. हर विवाद में अंडा फेंकने की बात सामने आ रही है. भ्रष्ट तृणमूल नेताओं के सड़कों पर उतरते ही उन पर अंडे फेंके जा रहे हैं. हालात ऐसे बन गये हैं कि बंगाल में गुस्सयी महिलाओं को देखते ही तृणमूल नेता भागने लगते हैं. ऐसा ही कुछ जलपाईगुड़ी जिले के बनारहाट के शालबारी-1 ग्राम पंचायत क्षेत्र में देखने को मिला. स्वयं सहायता समूह से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर इलाके में आक्रोश फैल गया है. सौ से अधिक महिला सदस्यों ने हाथों में अंडे लेकर अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन किया.
9 वर्षों से नहीं दिया गया है कोई हिसाब
जानकारी के अनुसार हाथ में अंडे लेकर महिला प्रदर्शनकारियों ने संघ कार्यालय को घेर लिया. आरोप है कि संघ के वित्तीय लेन-देन का पारदर्शी लेखा-जोखा पिछले 9 वर्षों से सदस्यों के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया है. इसके अलावा, यह भी दावा किया जा रहा है कि सरकारी परियोजनाओं से प्राप्त विभिन्न कृषि उपकरणों का निजी उद्देश्यों के लिए उपयोग किया गया है. प्रदर्शनकारियों का दावा था कि अध्यक्ष दीपा रॉय और संघ के अन्य अधिकारी अपने हाथों में अंडे देखकर ‘अंडा चिकित्सा’ के डर से कार्यालय छोड़कर चले गए.
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नहीं खुलेगा कार्यालय का ताला
तृणमूल नेताओं के कार्यालय से भाग जाने के बाद हालात इतने उग्र हो गये कि बनारहाट पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि हिसाब मिलने तक इमारत का ताला नहीं खोला जाएगा. इस संबंध में राज छेत्री ने कहा-मैं पिछले 9 वर्षों का हिसाब लेने आया हूं. मैंने अध्यक्ष से हिसाब देने को कहा था, लेकिन वह हिसाब देने नहीं आए. उनका कहना है कि वे हिसाब नहीं देंगे. उन्होंने पिछले 9 वर्षों में भ्रष्टाचार किया है. अब उनके लिए एक ही रास्ता है, हिसाब बताओ नहीं तो अंडे खाओ.
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