बंगाल में पुलिस हाई अलर्ट पर, बढ़ाई गयी रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा

Bengal Election: चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इस बार केंद्रीय बल केवल मतदान केंद्रों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आसपास किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई करेंगे.

Bengal Election: आसनसोल. बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है. अगले महीने होने वाले चुनाव के मद्देनजर रेल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखा जा रहा है. इसके लिए आसनसोल गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी है, विशेषकर कर उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाली ट्रेनों पर नजर रखी जा रही है. आसनसोल स्टेशन परिसर के बाहर और भीतर सह टिकट बुकिंग काउंटरों पर नजर रखी जा रही है. ट्रेनों में विस्फोटकों, नशीले पदार्थों, अवैध वस्तुओं का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है. स्टेशन परिसर के भीतर जाने वाले यात्रियों सह उनके सामानों और टिकट की जांच की जा रही है. पूरे स्टेशन परिसर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गयी है.

सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग सख्त

विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, इस बार राज्य में कुल 2,400 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की जाएंगी. 480 कंपनियां पहले ही राज्य में तैनात की जा चुकी हैं. वहीं, 31 मार्च तक 300 और कंपनियां पहुंचेंगी, जबकि बाकी बल चरणों में तैनात किए जाएंगे. चुनाव आयोग ने सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर पहले ही बैठक कर ली है. इसके अलावा एक और अहम बैठक आयोजित की जा रही है, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मनीष गर्ग करेंगे. यह बैठक ऑनलाइन होगी, जिसमें राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी शामिल होंगे.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

जिला स्तर पर भी होगी सुरक्षा समीक्षा

चुनाव आयोग जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ अलग से बैठक कर चुनाव सुरक्षा पर चर्चा करेगा. इस दौरान विधानसभा चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा. पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में संपन्न होगा. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इस बार केंद्रीय बल केवल मतदान केंद्रों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आसपास किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई करेंगे. यदि मतदाताओं को डराने-धमकाने या किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो पुनर्निर्वाचन कराया जा सकता है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा, धांधली और बूथ कब्जा जैसी घटनाओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >