बंगाल चुनाव: बेल या पैरोल पर कितने लोग हैं जेल से बाहर, चुनाव आयोग ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Bengal Election बंगाल विधानसभा चुनाव में कानून और व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग को नरमी नहीं बरत रहा है. आयोग ने साफ कर दिया है कि इस दौरान बेल या पैरोल पर जेल से बाहर आये दागी नेताओं की सुरक्षा वापस होगी.

Bengal Election कोलकाता. मालदा के कालियाचक की हालिया घटना के बाद निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. आयोग ने राज्य पुलिस से उन लोगों की सुरक्षा वापस लेने पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जो बेल या पैरोल पर जेल से बाहर हैं और जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं. चुनाव आयोग ने ‘दागी’ नेताओं से राज्य द्वारा प्रदान की गयी सुरक्षा को वापस लेने का आदेश दिया है.

10 दिनों के अंदर गिरफ्तार करने के निर्देश

चुनाव आयोग ने इसके अलावा ऐसे लोग जिनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट लंबित हैं, उन्हें भी 10 दिनों के अंदर गिरफ्तार करने के निर्देश दिये गये हैं. इस कदम का उद्देश्य चुनावों से पहले ”लेवल प्लेइंग फील्ड” (सभी के लिए समान अवसर) सुनिश्चित करना और राज्य के संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना है. आयोग ने कहा है कि जो लोग प्रोटोकॉल के अनुसार हकदार नहीं हैं, उन्हें दी गयी अनधिकृत सुरक्षा को भी हटाने का आदेश दिया गया है.

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मतगणना के बाद भी सीएपीएफ की तैनाती

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की लगभग 500 कंपनियां चार मई को मतगणना के बाद भी अगले आदेश तक चुनाव उपरांत कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए राज्य में तैनात रहेंगी. सीएपीएफ की लगभग 500 कंपनियां मतगणना पूरी होने के बाद भी अगले आदेश तक राज्य में चुनाव उपरांत कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए तैनात रहेंगी. 500 कंपनियों के अलावा 200 अन्य कंपनियों को राज्य में इवीएम, स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए रखा जायेगा.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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