बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव हटाये गये, चुनाव आयोग का देर रात फैसला

Bengal Election 2026: चुनाव आयोग ने रविवार रात को जारी एक आदेश में कहा कि 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुशमंत नारियाला को मुख्य सचिव और 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को गृह सचिव नियुक्त किया गया है. नंदिनी चक्रवर्ती और जगदीश प्रसाद मीना को उनके पदों से हटा दिया गया है.

Bengal Election 2026: कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होने के चंद घंटे बाद ही चुनाव आयोग ने एक राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को उनके पदों से हटा दिया. नये मुख्य सचिव और गृह सचिव के नामों की घोषणा भी की दी गयी है. आयोग ने इस आदेश को लागू करने के बाद सोमवार दोपहर 3 बजे तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की रात आयोग के इस कदम को लेकर काफी हंगामा हुआ.

बंगाल में आदर्श आचार संहिता लागू

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही बंगाल में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान आयोग प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों का निर्णय ले सकता है. लेकिन, मुख्य सचिव के बदलाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. तत्कालीन मुख्य सचिव मनोज पंत का कार्यकाल पिछले साल 31 दिसंबर को समाप्त हो गया था. उनकी जगह नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था. वह राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव हैं. हालांकि, उनकी नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. उस समय जगदीश प्रसाद मीना को गृह सचिव नियुक्त किया गया था.

चुनाव कार्य से पूरी तरह अलग रहेंगे ये अधिकारी

रविवार रात को जारी एक आदेश में, चुनाव आयोग ने कहा कि 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुशमंता नारियाला को मुख्य सचिव और 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को गृह सचिव नियुक्त किया गया है. नंदिनी चक्रवर्ती और जगदीश प्रसाद मीना को न केवल उनके पदों से हटा दिया गया है, बल्कि आयोग ने यह भी आदेश दिया है कि इन दोनों को चुनाव प्रक्रिया से संबंधित किसी भी पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है. आयोग ने कहा कि यह आदेश मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा.

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चुनाव आयोग ने शाम तक मांगी रिपोर्ट

रविवार को मतदान कार्यक्रम की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे. इस संदर्भ में, आयोग ने एक बार फिर यह जानना चाहा है कि 2021 के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में हिंसा में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी शामिल थे. आयोग ने सोमवार शाम 6 बजे तक उन अधिकारियों के नामों की सूची भेजने को कहा है. अब देखना यह होगा कि आयोग उन अधिकारियों के नामों की सूची प्राप्त होने के बाद क्या कार्रवाई करता है.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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