एक स्कूल में तुलसी की माला पहनकर आने पर रोक

स्��ूल की हेडमिस्ट्रेस ने ऐसा ही एक नया फरमान जारी किया है. इसे लेकर मामला काफी तूल पकड़ा है.

हेडमिस्ट्रेस ने जारी किया फरमान

बारासात. बारासात के नवपल्ली योगेंद्रनाथ बालिका विद्यामंदिर में छात्राओं के तुलसी की माला पहनकर स्कूल में प्रवेश करने पर रोक लगा दिया गया है. स्कूल की हेडमिस्ट्रेस ने ऐसा ही एक नया फरमान जारी किया है. इसे लेकर मामला काफी तूल पकड़ा है. जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को खुद स्कूल की हेडमिस्ट्रेस इंद्राणी दत्ता चक्रवर्ती को गेट पर खड़ी होकर छात्राओं ने तुलसी की माला पहनी है या नहीं यह देख कर उसके बाद ही उन्हें स्कूल में प्रवेश करने दिया. इसे लेकर अभिभावकों के एक वर्ग को नाराजगी जताया है. इधर, यह मामला मीडिया में आने के बाद हेडमिस्ट्रेस के साथ कई छात्राओं ने सहमति जतायी है. उनका कहना है, हम इस मुद्दे का समर्थन करते हैं. स्कूल की अपनी यूनिफॉर्म है. तुलसी की माला पहनकर स्कूल आना उचित नहीं है, वैसे ही हिजाब पहनकर आना भी उचित नहीं है, क्योंकि ये सब एक खास धर्म के प्रतीक होते हैं. स्कूल इसे दिखाने की जगह नहीं है. यहां हमारी एक ही पहचान है, हम सभी विद्यार्थी हैं.

स्कूल अध्यक्ष ने लगायी फटकार

इस मामले को लेकर स्कूल के अध्यक्ष चंपक दास ने हेडमिस्ट्रेस को डांट-फटकरा लगायी. उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में स्कूल किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाया जा सकता. अगर कोई तुलसी की माला पहनकर आता है, तो स्कूल की पढ़ाई नुकसान होने जैसी बात नहीं है. हेडमिस्ट्रेस का तर्क : स्कूल अध्यक्ष के निर्देश के बाद हेडमिस्ट्रेस ने तुलसी की माला न पहन कर आने का कारण बताया. उन्होंने कहा कि जब छात्राएं तुलसी की माला पहनती हैं तो उसे टूटने के बाद अगर तुलसी की माला जमीन पर गिर जाये तो यह भगवान का अपमान होता है, इसलिए उन्होंने तुलसी की माला न पहनने का आदेश जारी किया है.

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Published by: Ganesh mahto

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